कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिये मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2021 आरम्भ
शि.वा.ब्यूरो, जौनपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एमपी सिंह के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जिला विधिक सचिव शिवानी रावत ने बताया कि कोविड-19 की द्वितीय लहर के गंभीर प्रकोप के कारण विभिन्न प्रकार की आपात कालीन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है तथा बहुत से लोगो ने अपनों को खो दिया है। कोरोना महामारी के कारण बहुत से छोटे बच्चों ने समय से पहले ही अपने माता-पिता का साया उठते हुये देखा है और बहुत सारे बच्चे ऐसे हैं जिनकी जिम्मेदारी उठाने वाला भी कोई नहीं है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुये अनाथ बच्चों के लिये उ0प्र0 सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना 2021 आरम्भ की गयी है। शिवानी रावत ने बताया कि इस योजना का लाभ उठाने हेतु आवेदक को उ0प्र0 का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। उम्मीदवार की आयु 0 वर्ष से लेकर 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए। केवल वही बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 महामारी में हुयी है तथा वह बच्चे जिनके माता-पिता में किसी एक जो आजीविका चलाते हो किसी एक की मृत्यु कोरोना वायरस महामारी के कारण हुयी है। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना-2021 के अंतर्गत आवेदन हेतु सर्वप्रथम शहरी क्षेत्र के लोगो की जिला बाल संरक्षण इकाई व बाल कल्याण समिति एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ग्राम विकास पंचायत अधिकारी, विकास खण्ड या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आवेदन पत्र प्राप्त कर उसमें पूॅंछी गयी सभी जानकारी अंकित कर सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न कर फार्म वही कार्यालय में जमा कर देना होगा। आवेदन 15 दिन के अन्दर ही सफलतापूर्वक हो जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत आवेदन माता-पिता की मृत्यु के 2 वर्ष के अन्दर ही कराया जा सकता है।