कुर्मी कुल के गौरव हैं निरमा समूह के संस्थापक पद्मश्री से सम्मानित करसनभाई पटेल
कुर्मी कुल के गौरव उद्योगपति, निरमा समूह के संस्थापक देश के सबसे बड़े ब्रांड में एक पद्मश्री से सम्मानित करसनभाई पटेल निरमा समूह सौंदर्य प्रसाधन, साबुन, डिटर्जेंट, नमक, सोडा ऐश, प्रयोगशाला और चिकित्सकीय इंजेक्टिबल्स आदि का विनिर्माण करता है। सन 1969 में एक छोटे से कमरे से शुरू किया गया निरमा पाउडर का व्यवसाय डॉ पटेल की लगन और कड़ी मेहनत से फलता-फूलता गया और आज वे भारत के सबसे धनी व्यक्तियों की सूचि में स्थान रखते हैं। उन्होंने यह व्यवसाय अपनी नौकरी के साथ-साथ किया – कार्यालय जाते समय वे इसकी बिक्री करते थे और शाम को वापस आकर वे डिटर्जेंट का निर्माण और पैकिंग करते थे। एक आंकड़े के अनुसार सन 2004 निरमा में कुल 15000 से अधिक कर्मचारी थे और 3550 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार। करसनभाई पटेल का जन्म 13 अप्रैल 1944 को गुजरात के मेहसाना में एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मेहसाना के स्थानीय स्कूल में हुई और 21 साल की उम्र में उन्होंने राशन शाष्त्र विषय के साथ बी.एस.सी की पढ़ाई पूरी की और एक प्रयोगशाला सहायक (पहले लालभाई समूह के अहमदाबाद स्थित न्यू कॉटन मिल्स में और फिर गुजरात सरकार के खनन और भूविज्ञान विभाग में) के तौर पर नौकरी करने लगे।
सन 1969 में उन्होंने अपने घर के पिछवाड़े में निरमा (उनकी बेटी के नाम पर) डिटर्जेंट का निर्माण कर उसे खुद ही अपनी साइकिल पर घूम-घूम कर बेचना प्रारंभ किजन्म: 13 अप्रैल, 1944, मेहसाना, गुजरात निरमा समूह सौंदर्य प्रसाधन, साबुन, डिटर्जेंट, नमक, सोडा ऐश, प्रयोगशाला और चिकित्सकीय इंजेक्टिबल्स या। यह कार्य वो दफ्तर से आने के बाद शाम में करते थे और अगले दिन सुबह दफ्तर जाते वक़्त 15-20 पैकेट साइकिल पर बेचते थे। उन्होंने इस डिटर्जेंट पाउडर की कीमत मात्र 3 रुपये रखा जो और पाउडरों के मुकाबले लगभग ¼ था। लोगों को सस्ता पाउडर जाँच गया और देखते-देखते निरमा पाउडर सफल हो गया। लगभग तीन साल बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अहमदाबाद के पास एक छोटी फैक्ट्री लगा ली। बड़े कम समय में निरमा ब्रांड गुजरात और महाराष्ट्र में स्थापित हो गया।