शराबी मनुष्य से चिड़िया अधिक सभ्य है


डा.रंगनाथ मिश्र ‘सत्य’, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।


एक शराबी मनुष्य से चिड़िया अधिक सभ्य है
लाॅकडाउन प्रदेश में चल रहा था
सभी लोगों को अपने-अपने घरों में
रहने के कड़े निर्देश थे
पुलिस प्रशासन कड़ाई से
व्यवस्था में लगा हुआ था
कोरोना संक्रमितों का इलाज
अस्पतालों में विधिवत चल रहा था
एक चिड़िया अपने बच्चों के लिए
दाना-पानी लेकर तुरन्त अपने
घोंसले में लौट आती है
वह अपने बच्चों को अकेला
कभी नहीं छोड़ती है
लेकिन मनुष्य शराब की दुकानें
खुलते ही सैकड़ों की संख्या में
सड़कों पर निकल पड़ता है
और शराब की दुकानों के सामने
नियम तोड़ते हुए आपस में
धक्का-मुक्की करते हुए
शराब की पांच-पांच बोतलें
खरीदने लगता है
वह सोचने लगता है कि शायद
शराब की दुकानें एक ही दिन
के लिए खुली हैं अथवा 
खोली गयी हैं, शायद बंद हो जायें
पुलिस प्रशासन पूरे शहर में 
परेशान था
मैं डाक्टर के यहां से अपनी
दवा लेकर लौट रहा था
यह दृश्य देखकर अत्यन्त दुख
हुआ कि एक चिड़िया अपने
बच्चों के साथ रात-दिन अपने
घोंसले में रहती है
और मनुष्य प्रातः दस बजे
घर से निकलकर जाता है
इंतजार में उसके बच्चे जब
सो जाते हैं तो वह रात्रि दो बजे
शराब के नशे मे अपने घर लौटता है
अर्थात एक शराबी मनुष्य से 
चिड़िया अधिक सभ्य है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश