कोविड-19 के दृष्टिगत गतिविधियां री-ओपेन करने के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के दृष्टिगत कतिपय गतिविधियों को प्रारम्भ करने हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा आदेश संख्या-40-3/2020-डीएम-1(ए) दिनांक 30.09.2020 निर्गत किए गए है, तत्क्रम में मुख्य सचिव, महोदय, उत्तर प्रदेश शासन, गृह (गोपन) अनुभाग-3  लखनऊ द्वारा आदेश संख्या 2135/2020/सीएक्स-3, 01 अक्टूबर 2020 के अन्तर्गत कोविड-19 के दृष्टिगत कतिपय गतिविधियों को प्रारम्भ करने (री-ओपेन) के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के उक्त शासनादेश दिनांक 01 अक्टूबर 2020 द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में जनपद मुजफ्फरनगर में उक्त निर्देशों को निम्नवत् लागू किया जाता है-
1-कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर अनुमन्य गतिविधियाॅ-
कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर निम्नलिखित गतिविधियां अनुमन्य होगी-
-समस्त स्कूल, एवं कोचिंग संस्थान शैक्षणिक कार्य हेतु 15 अक्टूबर 2020 के बाद चरणबद्ध तरीके से खोले जा सकेंगे। यह निर्णय स्कूल/संस्थान के प्रबन्धन से विचार-विमर्श कर एवं स्थिति का आंकलन कर एवं निम्नलिखित बिन्दुओं को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन द्वारा लिया जाएगाः-
-ऑनलाईन/दूरस्थ शिक्षा हेतु अनुमति जारी रहेगी और इसेे प्रोत्साहित किया जाएगा एवं इस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
-जहाॅ स्कूल ऑनलाईन कक्षाएं चला रहे है एवं कुछ छात्र भौतिक रूप से कक्षाओं में शामिल होने के बजाए ऑन-लाइन कक्षाओं में शामिल होने के इच्छुक है, तो उनकों इसकी अनुमति दी जा सकती है।
-छात्र सम्बन्धित स्कूल/शैक्षणिक संस्थानों में अपने माता-पिता (अभिभावक) की लिखित सहमति से ही उपस्थित हो सकते है।
- स्कूल/शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की उपस्थिति बिना माता-पिता (अभिभावक) के सहमति से अनिवार्य नही करायी जा सकती। यह माता-पिता (अभिभावक) की सहमति पर निर्भर होगा।
- स्कूल/शैक्षणिक संस्थानों को खोलने हेतु स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सावधानियों के सम्बन्ध में शिक्षा विभाग द्वारा (Standard Operating Procedure ;SOP)  स्कूल, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के SOp के आधार पर स्थानीय आवश्यकताओं को दृष्टिगतगत रखते हुए जारी की जाएगी।
- जिन स्कूलों को खोलने हेतु अनुमति दी जाएगी उनके द्वारा अनिवार्य रूप से शिक्षा विभाग द्वारा जारी SOp के प्राविधानों का अनुपालन किया जाएगा।
- उपरोक्त आधार पर जिला प्रशासन द्वारा शर्तो के अधीन सार्वजनिक पुस्तकालयों को खोलने की भी अनुमति दी जाएगी।
- महाविद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के खोलने के समय का निर्धारण उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गृह मंत्रालय, भारत सरकार की सहमति एवं वर्तमान स्थिति का आंकलन करते हुए किया जाएगा। ऑन-लाइन/दूरस्थ शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाएगा व इसे प्राथमिकता दी जाएगी।
उच्च शिक्षा-संस्थानों, जिनमें केवल शोधार्थियों तथा परा-स्नातक के छात्रों जिनकों विज्ञान एवं तकनीकी विधाओं में प्रयोगशाला सम्बन्धी कार्यो की आवश्यकता पड़ती हो, को 15 अक्टूबर, 2020 से खोलने की अनुमति निम्नानुसार होगीः-
- केन्द्र द्वारा वित्त पोषित उच्च शैक्षणिक संस्थान (Higher Education Institution)  के प्रमुख स्वयं आंकलन करेंगे कि उनके संस्थानों में शोधार्थी एवं परा-स्नातक छात्रों जोकि विज्ञान एवं तकनीकी विधाओं से हो, को प्रयोगशाला सम्बन्धी कार्यो की आवश्यकता है।
- इसके अतिरिक्त अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान जैसे कि शासकीय/निजी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों को केवल शोधार्थी एवं  तकनीकी विद्यार्थियों के प्रयोगशाला सम्बन्धी कार्यो के लिए खोलने के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार के उपरोक्त के अनुसार गाइडलाइंस का पालन किया जाए।
- तरण-तालों को खिलाडियों के प्रशिक्षण हेतु युवा कल्याण एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वाराजारी किए जाने वाले निर्धारित मानकों ;ैव्च्द्ध के अनुसार दिनांक 15 अक्टूबर, 2020 से खोले जाने की अनुमति होगी।
- कन्टेनमेंट जोन्स के बाहर सिनेमा/थिएटर/मल्टीपैलेक्स को अपनी निर्धारित दर्शकों के बैठनें की क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत तक लोगों को बैठने हेतु, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले निर्धारित मानकों के अनुसार दिनांक 15 अक्टूबर, 2020 से खोले जाने की अनुमति होगी।
- मनोरंजन पार्क एवं ऐसे स्थलों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले निर्धारित मानकों के अनुसार दिनांक 15 अक्टूबर, 2020 से खोले जाने की अनुमति होगी।
- कन्टेनमेंट जोन के बाहर Business to Busineess (B2B) प्रदर्शनी को वाणिज्य विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले निर्धारित मानकों के अनुसार दिनांक 15 अक्टूबर, 2020 से खोले जाने की अनुमति होगी।
- कन्टेनमेंट जोन के बाहर समस्त सामाजिक, शैक्षिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सामूहिक गतिविधियों को, अधिकतम 100 व्यक्तियों के लिए शुरू करने की अनुमति पूर्व में ही दी जा चुकी है। 100 से अधिक व्यक्तियों के लिए अनुमति कन्टेनमेंट जोन के बाहर, निम्न प्रतिबन्धों के अधीन 15 अक्टूबर 2020 से होगीः-
- किसी भी बन्द स्थान यथा, हाॅल/कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत किन्तु अधिकतम 200 व्यक्तियों तक को फेस माॅस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्केनिंग व सेनेटाइजर एवं हैण्ड वाॅश की उपलब्धता की अनिवार्यता के साथ।
- किसी भी खुले स्थान/मैदान पर ऐसे स्थानों के क्षेत्रफल के अनुसार फेस माॅस्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्केनिंग व सेनेटाइजर एवं हैण्डवाॅश की उपलब्धता की अनिवार्यता के साथ
शासन द्वारा इस सम्बन्ध में विस्तृत SOP अलग से जारी की जाएगी जिससे ऐसे स्थानों में इकट्ठा व्यक्तियों पर उचित पाबंदी लगायी जा सकें।
कोविड-19 के प्रबन्धन हेतु राष्ट्रीय नीति-निर्देशक
कोविड-19 के प्रबन्धन हेतु राष्टीय नीति-निर्देशों का अनुपालन किया जाए।
3-लाॅक डाउन केवल कन्टेनमेन्ट जोन तक ही सीमित रहेगा।
- लाॅक डाउन कन्टेनमेन्ट जोन में 31 अक्टूबर 2020 तक लागू रहेगा।
- कन्टेनमेन्ट जोन का निर्धारण माइक्रो लेवल पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप इस उद्देश्य से किया जाएगा कि संक्रमण श्रंखला (Chain of Transmission) को तोडा जा सकें। कन्टेनमेंट जोन में केवल अत्यावश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगी। कन्टेनमेन्ट जोन में कन्टेनमेन्ट जोन में कडा परिधीय नियंत्रण रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल चिकित्सकीय आपाताकालीन स्थिति और आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की पूर्ति को छोडकर किसी भी व्यक्ति का अन्दर अथवा बाहर की और आवागमन न हो, कन्टेनमेन्ट जोन में सघन कान्टेक्ट टेªसिंग, हाउस टू हाउस सविलांस और यथावश्यक चिकित्सकीय गतिविधियां होगी। इस सम्बन्ध में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का ध्यान रखा जाएगा।
- कन्टेनमेन्ट जोन/क्षेत्रों को वेब साइट पर प्रदर्शित/नोटिफाइड किया जाएगा और केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार तथा गृह एवं स्वास्थ्य विभाग, उ0प्र0 शासन को सूचित किया जाएगा।
-कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार का लाॅकडाउन भारत सरकार की पूर्वानुमति के बिना नही लगाया जाएगा।
-अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर व्यक्तियों एवं माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नही होगा।
अन्तर्राज्यीय एवं राज्य के अन्दर व्यक्तियों एवं माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबन्ध नही होगा। पडोसी देशों के साथ की गयी संधियों की शर्तो के अनुरूप सीमा-पार परिवहन की अनुमति होगी। इस हेतु पृथक से किसी भी प्रकार की अनुमति/अनुमोदन/ई-परमिट की आवश्यकता नही होगी।
एसओपी के साथ व्यक्तियों का आवागमन
यात्री टेªनों से आवागमन, घरेलू हवाई यात्रांए, विदेश में फंसे हुए भारतीय नागरिकों का आवागमन, विदेशों राष्ट्रिकों को निकालने से सम्बन्धित वन्दे भारत और ।पत ज्तंदेचवतज ठनइइसम थ्सपहीजे द्वारा आवागामन की अनुमति के अनुसार जारी रहेगी।
संक्रमण के खतरे के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों की सुरक्षा
65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, सह-रूग्णता अर्थात एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 10 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चे घरों के अन्दर ही रहेंगे, सिवाय ऐसी परिस्थितियों के जिनमें स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यकताओं हेतु बाहर निकलना जरूरी हो, घरों के अन्दर ही रहेंगे।
आरोग्य सेतु एवं आयुष कवच कोविड एप का प्रयोग
- आरोग्य सेतु एप शुरूआती संक्रमण के खतरें को पहचानने और संक्रमण के विरूद्ध व्यक्ति एवं समुदाय को सुरक्षा प्रदान करता है।
- कार्यालयों एवं कार्यस्थलों पर समस्त कर्मचारियों/कार्मिकों को संक्रमण से बचाव हेतु अपने मोबाईल फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर लेना चाहिए।
- सम्बन्धित प्राधिकारी प्रत्येक व्यक्ति को अपने मोबाईल फोन में आरोग्य सेतु ऐप एवं आयुष कवच कोविड ऐप को डाउनलोड करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करें, जिससे कि उसका स्वास्थ्य सम्बन्धी स्टेटर ऐप पर ही अपडेट होता रहें। इससे खतरों के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों को समय रहते चिकित्सकीय सहायता प्रदान की जा सकेगी।
गाईडलाइन का कडाई से क्रियान्वयन
- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/नगर मजिस्टेªट (नगर क्षेत्र) एवं समस्त उप जिला मजिस्टेªट (सम्बन्धित तहसील क्षेत्र में) उपरोक्त निर्देशों का आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अनुसार कडाई से अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे।
- सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से अनुपालन करने हेतु धारा-144 सीआरपीसी 1973 का आवश्यकतानुसार प्रयोग किया जाए।
10-दण्डात्मक प्रावधान
उपरोक्त दिशा-निर्देशों के किसी व्यक्ति द्वारा उल्लघंन करने पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-51 से 60 तथा भा0द0वि0 की धारा-188 में दिए गए प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।
उपरोक्त दिशा निर्देश अग्रिम आदेशों तक लागू रहेंगे।