नोएडा विकास प्राधिकरण के सामने भूख हड़ताल पर बैठे सफाईकर्मी गिरफ्तार


शि.वा.ब्यूरो, नोएडा। नोएडा विकास प्राधिकरण में ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने, मोबाइल ऐप से हाजिरी ना लगाने और बोनस आदि मांगों को लेकर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर- 20 पुलिस ने आज सुबह अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के शाखा अध्यक्ष बबलू पारचा, संजय धीमान, सचिन जीनवाल, विक्रम मकवाना, विकास और राजू को गिरफ्तार कर लिया है।


उन्होंने बताया कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगी है, जिसका यह लोग उल्लंघन कर रहे थे। इसी के तहत इनकी गिरफ्तारी की गई है। आपको बता दें कि नोएडा विकास प्राधिकरण के खिलाफ सफाई कर्मियों का आंदोलन चल रहा है। तीन सफाई कर्मचारी आमरण अनशन पर प्राधिकरण कार्यालय के बाहर बैठे हुए हैं। आज अनशन को 3 दिन है। पूरे हो गए हैं। एक सफाई कर्मचारी ने दो दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। जिससे हड़ताली कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। इसी सिलसिले में गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार की दोपहर शहर भर से कूड़ा उठाकर विकास प्राधिकरण के बाहर और उद्योग मार्ग पर फैला दिया। हालात पर निगरानी कर रही पुलिस ने सफाई कर्मचारियों को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। पुलिस अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को समझाया, लेकिन सफाई कर्मचारी उत्पात करते रहे। जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जानकारी मिली है कि सफाई कर्मचारियों की ओर से पुलिस पर पत्थर फेंके गए हैं।


विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि सफाई कर्मचारियों में बहुत कम लोग अब हड़ताल पर हैं। अधिकांश सफाई कर्मचारी गुरुवार को ही काम पर वापस लौट आए थे। नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को 90% से ज्यादा सफाई कर्मचारियों ने शहर में साफ-सफाई की है। गुरुवार को 3,000 से ज्यादा कर्मचारियों ने अपनी हाजिरी भरी है। 


अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष बबलू पारचा, संजय धीमान और सुमित्रा चौहान भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सफाईकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। काम पर नहीं लौटने के कारण 11 सफाई कर्मियों को ठेकेदारों ने नौकरी से निकाल दिया है। नोएडा सेक्टर-20 थाने में सफाईकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। इसके बाद सफाईकर्मियों में गुस्सा बढ़ गया है। कर्मचारियों का कहना है, "हम लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हम लोगों से मिलने और बातचीत करने के लिए कोई नहीं आया है। नोएडा विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन का कोई अफसर गुरुवार की शाम तक नहीं आया है। दरअसल, किसी को हमारी चिंता नहीं है। हम केवल अपना हक मांग रहे हैं।


ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में हजारों की संख्या में सफाई कर्मचारी तैनात हैं। विकास प्राधिकरण प्लेसमेंट एजेंसियों और ठेकेदारों से इन सफाई कर्मचारियों को काम पर रखता है। अब कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उन्हें ठेकेदार से मुक्त कराया जाए। सभी को समान वेतन दिया जाए। सफाई कर्मचारियों को नोएडा विकास प्राधिकरण के कर्मचारी के रूप में नियुक्त किया जाए।