कोविड 19 के मद्देनज़र रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खान-पान का रखें विशेष ध्यान, अस्थमा रोगी कोरोना होने पर न हों होम आइसोलेट


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. एसके अग्रवाल का कहना है कि सांस (अस्थमा) की बीमारी से पीड़ित लोगों को कोरोना पॉजिटिव होने पर होम आइसोलेट होने की गलती नहीं करनी चाहिए। ऐसे लोगों को कोविड अस्पताल में ही भर्ती होना चाहिए, ताकि समस्या होने पर तुरंत ऑक्सीजन देकर उन्हें जोखिम से बचाया जा सके। पचास वर्ष से अधिक उम्र वाले उपचाराधीनों को भी अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जरा सी लापरवाही बड़ी मुसीबत पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा सरकारी अस्पतालों में इलाज की उचित व्यवस्था है। अपने आप कोई इलाज या दवा न लें, चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। 
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए लोगों को मॉस्क लगाकर ही घर से बाहर निकला चाहिए। उन्होंने सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने और बार-बार साबुन-पानी से 40 सेकेंड तक हाथ धोने, हर समय दूसरे व्यक्ति से दो गज की दूरी बनाकर रखने, बाहर से घर आने पर हाथों को अच्छे से धोने तथा चेहरे-आँख को न छूने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में सेहत का ध्यान रखें। 
जिला अस्पताल की डायटीशियन नेहा त्यागी का कहना है कि कोरोना चपेट में वही लोग ज्यादा आ रहे हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खान-पान का उचित ध्यान रखना चाहिए। प्रोटीनयुक्त भोजन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा हमेशा ताजा खाना खाएं, क्योंकि बासी भोजन देर से पचता है। मौसम बदल रहा है, ऐसे में अन्य मौसमी बीमारियों का भी खतरा बढ़ रहा है। इसलिए सावधानी बहुत जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि कोरोना से लड़ने के लिए खाने में अदरक, लहसुन,हींग, जीरा, काली मिर्च, हल्दी और ड्राईफ्रुट्स का प्रयोग अवश्य करें। सुबह उठते ही गुनगुना पानी अवश्य पीना चाहिए। गुनगुना पानी पीने से रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि होती है। शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
सुझाव
मौसमी बीमारी होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
संतरा व नींबू का सेवन नियमित करें। इससे शऱीर को विटामीन सी मिलता है।
वायरल बुखार होने पर ड्राईफ्रूट्स का सेवन करें। ड्राईफ्रूट्स में जिंक की भरपूर मात्रा होती है।
शरीर की ऊर्जा बढ़ाने के लिए हरी सब्जियों का सेवन अवश्य करें।
शुगर, बीपी, अस्थमा के मरीज चिकित्सक से परामर्श कर उपचार लें।
50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग कोरोना होने पर होम आइसोलेट होने से बचें।
होम आइसोलेट पीड़ित मरीज लापरवाही न बरतें। 10 दिन सेहत का विशेष ध्यान रखें।
होम आइसोलेशन में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को प्रोटीनयुक्त भोजन लें।