डॉ. मिली भाटिया ने नन्हे बच्चों को साक्षरता का महत्व समझाया, गाँवों के विद्यालय में बाँट रही शिक्षा का ज्ञान

शि.वा.ब्यूरो, रावतभाटा (राजस्थान)। मिली भाटिया आर्टिस्ट ने विश्व साक्षरता पर अपने विचार बच्चों से साझा करते हुए कहा कि आपके घर में जो काम करने के सहयोग देने वाले जैसे धोबी,झाड़ू पोछा करने वाली आंटी आदि में से काम से कम एक बच्चे को ज़रूर शिक्षा के लिए प्रेरित करे। मुमकिन हो तो उनकी पढ़ाई में मदद भी करे। ख़ाली वक्त में आपकी पढ़ी-लिखी मम्मी भी गरीब बच्चों को शिक्षित कर सकती हें।


डॉ. मिली भाटिया ने कहा कि में हर साल सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित करती हूँ तथा उन्हें शिक्षा का महत्व समझा कर आती हूँ। बेटियों की शिक्षा समाज में सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि नारी ही समाज का आइना है। नारी अंतर्मन की मेरी 7 पेंटिंग नारी के इस दर्द को बयान करती हें, जो नारी शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाई। समाज में गर्व और आत्मसम्मान से जीने के लिए शिक्षित होना ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षा ही जीवन की विषम परिस्थिति में जीने का सहारा है। आइए! भारत के प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करने में सहयोग करने का प्रण लें।