वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ’ महेश गुप्ता जौनपूरी द्वारा संपादित अनूठा काव्य संग्रह (समीक्षा)

 उमा ठाकुर,शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र। 


        वृक्ष लगाओ वृक्ष बचाओ’ राजमंगल प्रकाश से प्रकाशन साझा काव्य संग्रह है। स संग्रह भारत वर्ष के चैदह-पंद्रह राज्यों के 102 लेखकों द्वारा रचित चुनिन्दा बेहतरीन रचनाओं को स्थान दिया गया हैं। इन राज्यों में उतर प्रदेश राज्यस्थान, हिमाचल प्रदेश, मघ्य प्रदेश,छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, ओड़िसा, उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, और तेलगाना से सम्मनित वरिष्ठ युवा और नवोदित कवि व कवयित्री ने साथ देकर वृक्ष लगाओं वृक्ष बचाओं ’ आन्दोलन और इस बहुमूल्य संकलन में योगदान दिया है। इस पुस्तक में कुल 221 पृष्ठ और मुल्य 250/- है। 
वृक्ष प्रकृति को सहेजते है, पंरन्तु वर्तमान परिपेक्ष्य में आधुनिकता की होड़ में औद्योगिकरण और शहरीकरण के नाम पर वृक्षों को अन्घा धुंध काटा जा रहा है। अगर हम आज नहीं संभले तो इसके भयावह परिणाम आने वाली पीढ़ी को भुगतने होंगे, इसलिए आज यह जरूरी हो गया हैं कि हम सब मिलकर पर्यावरण संरक्षण में कम-से-कम एक वृक्ष अपने जीवन काल में जरूर लगाएं और बच्चों को भी अपने जन्म दिन पर एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करें। 
आओं एक वृक्ष लगा कर जीवन को स्वस्थ बनाएं 
वातावरण को शुद्ध बनाने हेतु सभी संकल्प अपनाएं ,
वृक्ष लगाओं वृक्षों बचाओ आंदोलन को सफल बनाएं।


इस काव्य संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सभी रचनाएं प्रकृति को समर्पित है। इस संकलन में साहित्यकार के परिचय के साथ रचना को भी स्थान दिया है। हिमाचल प्रदेश से कल्पना गांगटा और उमा ठाकुर नधैक की रचनाओं को भी गौरव पूर्ण स्थान मिला। इसके अलावा मुख्य संपादक महेश गुप्ता जौनपुरी, उप संपादक केशव विवेकी, अनिता सुल्तानिया, संजय भारती,मनीष जौनपुरी ,रिशु पाण्डेय, जयप्रकाश चैहान आदि कवियों की रचनाओं को भी स्थान मिला हैं। प्रकृति को समर्पित और वृक्षों की महिमा का गुणगान करते इस संलकन के लिए संपादक महेश गुप्ता जौनपुरी, उप संपादक केशव विवेकी, और सभी साहित्यकारों को जिन्हें इस काव्य संकलन में स्थान मिला बहुत बहुत बधाई। साहित्य सृजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का यह नेक कार्य भविष्य में भी जारी रहेगा ऐसी उम्मीद करती हूँ।


नधैक, (शिमला) हिमाचल प्रदेश