डॉ. मिली भाटिया की अपने दोस्त के लिए भावनाएं, मेरी बेस्ट फ़्रेंड कुमकुम! तू ही तो मेरी दोस्त है....

मेरी बेस्ट फ़्रेंड कुमकुम,

तू ही तो मेरी दोस्त है..................

मिकू ही प्यार से कहते हें, हम दोनो एक दूसरे को। कुमकुम अपने नाम की तरह पवित्र, सरल, बचपन से, क़रीब 22 साल से मेरी सबसे अच्छी सहेली है। कहते हें खून के रिश्ते ईश्वर अपनी मर्ज़ी से बना कर देते हें,लकिन दोस्त हम खुद चुनते हें, परन्तु मैं नही मानती। कुमकुम मेरी ज़िंदगी में ईश्वर का दिया हुआ सबसे क़ीमती तोहफ़ा है। अधिकतर चुप ही रहती है, बस मुस्कुराती है धीरे धीरे। बचपन से हमेशा किताबों में खोई रहती है। 22 साल की हमारी दोस्ती में क़रीब 21 वर्ष में बोली होऊँगी और 1 साल वो। बिना मुझे जज किए इतने सालों से मुझे सुनती समझती आई है। 17 साल पहले भी मम्मी के खोने जब में डॉक्टर के इंजेक्शन से बेहोश रहती, किसी से कुछ नहीं कहती थी, तब भी वो मेरे पास आ कर पूरा दिन मेरा हाथ थामे सुबह से शाम तक मेरे पास बेठी रहती थी।


पापा बताते हैं कि जब हम टीनेजर ही थे, तब से ही बहुत फ़िकर करती है मेरी। हर सुख-दुःख में मेरे साथ रही, मुझे निभाती आई है। बहुत धीरे बोलती है, बहुत कम बोलती है और मुझे सुनती है, आज से नही क्लास 8 से। अभी भी 1 महीने पहले मेरा ऐक्सिडेंट हुआ और मेरे दोनो हाथ फ़्रैक्चर हो गए तो कुछ लोगों ने कहा-पानी के पास क्यूँ गई, गलती है तेरी, जल्दी में रहती है, ध्यान नही रखती वगैरा-वगैरा। जैसे मुझे खुद को शौक चड़ा हो अपने हाथ तुड़वाने का, परन्तु कुमकुम हमेशा की तरह बिना मुझे जज किए, बिना कोई भाषण दिए चुपचाप रोज़ मेरे लिए वक्त निकालकर मुझे सुनती है, मुझे हिम्मत देती है। जब में हर्ट होती हूँ, रेजेक्ट होती हूँ, जब लगता है कि पूरी दुनिया मुझे ग़लत समझ रही है, मुझे पता है तब एक लड़की है जो समझ जायेगी मुझे, मेरी कोई गलती भी होगी तो मुझे प्यार से समझा देगी। लोगों की तरह क़्रिटीसाइज़ नही करेगी। ज़िंदगी में आपके पास भी ऐसी कोई बेस्टफ़्रेंड हें तो आप भी बहुत लकी हैं मेरी तरह।


फ़्रेंड्ज़ और भी है मेरे पर, बेस्टफ़्रेंड बस एक ही बन पाई। कुमकुम अपनी माँ की तरह शान्त, सरल, सहनशक्ति से परिपूर्ण है। बहुत अच्छी इंसान है और एक बहुत  अच्छी माँ भी है वो। इस एक रिश्ते से कई रिश्ते जुड़ गये मेरे उसके परिवार के साथ। उसकी छोटी बहन हीना मेरी भी छोटी बहन बन गई और उसके जीवनसाथी प्रदीप भैया मेरे भाई। लिखने लगूँ तो शायद एक उपन्यास कम पढ़ जाये। बहुत कुछ है पर अभी बस कुमकुम को इस फ़्रेंड्शिप मन्थ में विश करती हूँ। हैपी फ़्रेंडशिप मंथ बेस्ट फ़्रेंड कुमकुम।


डॉ. मिली भाटिया आर्टिस्ट रावतभाटा राजस्थान