चलो अयोध्या धाम

डॉ अवधेश कुमार 'अवध', शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

चलो अयोध्या धाम,

विराजेंगे अपने श्रीराम।

 

कभी  राम झुठलाये जाते।

नकली चरित बताये जाते।

आतंकी बाबर के सम्मुख-

मनगढ़ंत  कहलाये   जाते।।

कैसी भी हो रात, 

किन्तु होती है सुबह ललाम।

 

वंशज   बहुधा जीते - हारे।

अनुयायी  के   वारे - न्यारे।

रक्तपात  के छद्म खेल में -

रामभक्त तन मन धन वारे।।

हुआ बहुत बलिदान, 

साक्ष्य है पावन सरयू धाम।

 

राम  अदालत  में  भी   आए।

साक्ष्य - साक्षी  भी  थे   लाए।

अधिवक्ता बन सच दिखलाए।

न्यायमूर्ति - उर  स्वयं समाए।।

जय जय जय श्रीराम, 

अवधपति अवध नयन अभिराम।

 


मैक्स सीमेंट, ईस्ट जयन्तिया हिल्स

मेघालय