पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने लगाया अटकलों पर विराम, कहा- तय समय पर ही हो सकते हैं प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। तमाम अटकलों पर विराम लगते हुए पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि प्रदेश सरकार राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टालने के मूड में बिलकुल नहीं है। पंचायतीराज मंत्री चौधरी ने कहा है कि चुनाव की तैयारियों के लिए अभी काफी समय है। इस बाबत वह जल्द ही पहले अपने विभाग के अधिकारियों के साथ, फिर उसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसकी पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष पेश की जाएगी।

बता दें कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसम्बर को समाप्त हो रहा है। क्षेत्र व जिला पंचायतों का कार्यकाल अगले साल जनवरी व मार्च में समाप्त होगा। जिसके चलते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह हाल ही में अपने कई संबोधनों में कार्यकर्ताओं को पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट जाने के निर्देश दे चुके हैं। ग्राम पंचायतों के खत्म हो रहे कार्यकाल के हिसाब से देखें तो अब सिर्फ पांच महीने का समय बाकी रह गया है। इन पांच महीनों में ही राज्य निर्वाचन आयोग को शहरी क्षेत्र में शामिल हुई पंचायतों के बाद बाकी बचे क्षेत्र का नए सिरे से परिसीमन, फिर वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण, मतपत्रों की छपाई, चुनाव सामग्री का प्रबंधन आदि कार्य पूरे करने होंगे।


आयोग का मानना है कि अगर प्रदेश सरकार वाकई पंचायत चुनाव समय से करवाना चाहती है तो अब और विलम्ब नहीं करना चाहिए और जल्द ही इस बाबत निर्णय ले लेना चाहिए। जानकारों की माने तो आने वाले पांच महीनों में कई त्योहार भी पड़ेंगे। इस लिहाज से कार्य दिवसों की संख्या कम ही होगी, फिर भी अगर सरकार समय से चुनाव करवाना चाहती है तो आयोग पूरी क्षमता लगातर चुनाव प्रक्रिया पूरी करवाएगा। आयोग का कहना है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होने से मतगणना और परिणाम घोषित होने में ही 40 से 45 दिन का समय लगता है। इसके अलावा वोटर लिस्ट पुनरीक्षण में 2 से 3 महीने और मतपत्रों की छपाई, चुनाव सामग्री व कार्मिकों के प्रबंधन में भी 2 महीने लगेंगे।