जनपद के कुछ पेपर मिल क्षेत्र को पहुंचा रहे अपूर्णिय क्षति


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। अफसरों की मिलीभगत कहें या उदासीनता, जिसके चलते जनपद के अधिकतर पेपर मिल पर्यावरण को दोहरा नुकसान पहुंचा रहे हैं। पेपर मिलों के समबन्ध में अक्सर ये समाचार मीडिया की सुर्खियां बनते रहे हैं कि इनकी चिमनियों से निकलने वाला धुआं बिना मानकों का पालन करने के कारण लोगों में दमा व कैंसर जैसी घातक बीमारियां परोस रहा है, वहीं इन मिलों से निकलने वाली राख का सही निस्तारण न होने के कारण इससे क्षेत्रीय लोगों की आंखों को बहुत नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही गंगनहर में भी इस राख का अधिकांश बहाया जा रहा है, जो सिंचाई के जरिये ये खेतों तक पहुंचकर कृषि को भी नुकसान पहुंचा रही है।  
ंजानकारों की मानें तो मोरना क्षेत्र के नगला बुजुर्ग के नजदीकी मिल के ठेकेदारों द्वारा मिल की राख को गंगनहर के किनारे जला डालकर न केवल गंगनहर को प्रदूषित किया जा रहा है, बल्कि लाभ उठाने की गरज से गंगनहर का सीना छलनी जा रहा है। ऐसे में अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करने के बजाए अपना पल्ला छाड़ने में लगे हैं।



बता दें कि गंगनहर के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। इस नहर से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 10 जिलों की लगभग 9000 किलोमीटर कृषि भूमि सींची जाती है। यह नहर सिंचाई का मुख्य स्रोत है। जनपद के कई पेपर मिलों से प्रतिदिन काफी मात्रा में राख निकलती है, जिसे ठेकेदार गंगनहर के किनारे डाल देते हैं, जैसे ही हवा चलती है तो यह राख उड़कर गंग नहर में गिर जाती हैं और गंगा के पानी को प्रदूषित कर देती हैं। इतना ही नहीं, जब ठेकेदारों द्वारा यहां से राख उठाई जाती है, तो वह उठाने के नाम पर गंगनहर से अवैध खनन करते हैं। इसकी शिकायत किसानों द्वारा सिंचाई विभाग के अधिकारी से की गई है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी में इस मामले में कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। नहर के किनारों पर ठेकेदारों द्वारा लगाये गये राख के ढ़ेर से फसलों को तो नुकसान पहुंच रहा है, साथ ही यह राख गंगनहर को भी प्रदूषित कर रही है। 


कौशल विकास व व्यवसायिक शिक्षा विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस मामले में कहा है कि यदि विभागीय अफसर अपने दायित्वों को भूल कर निरंकुश होंगे तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी वित्त आलोक कुमार शर्मा इस मामले में कहते हैं कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर इस तरह का प्रकरण है तो इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।