एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी के मैकेनिकल विभाग ने बनायी पैर द्वारा चलित ऑटोमेटिक हैंड सेनिटाइजर मशीन


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। एसडी कालेज ऑफ इन्जिनियरिंग एण्ड टैक्नोलोजी के मैकेनिकल विभाग में संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चौहान के मार्गदर्शन में पैर द्वारा चलित ऑटोमेटिक हैंड सेनिटाइजर मशीन को बनाया गया। इस मशीन को बनाने में संस्थान की कार्यशाला में रखे स्क्रैप के सामान का उपयोग हुआ। इस मशीन को बनाने का उद्देश्य यह है कि कोरोना वायरस को दृष्टिगत रखते हुये काॅमन हैन्ड सेनिटाइजर को विभिन्न व्यक्तियों के हाथों या अुँगलियों के स्पर्श को रोका जा सके। जिससे संक्रमण रोकने में मद्द हो सके। इस मशीन में एक पैडल का उपयोग किया गया है पैडल पर पैर रखते ही नोजल की टीप ऑटोमेटिकली दबाव बनाती है तथा सेनिटाइजर स्वतः नोजल से आवश्यकतानुसार बाहर स्प्रे करता है। इस ऑटोमेटिक सेनिटाइजर मशीन को बहुत ही कम खर्च लगभग 1000/- में तैयार किया जा सकता है।  



संस्थान के अधिशासी निदेशक प्रो0 (डा0) एसएन चौहान ने मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 मनोज झा व समस्त शिक्षकों की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की मशीनों को ऐसे स्थानों पर लगाया जाना चाहिये, जहाँ पर कई सारे व्यक्तियों की सेनिटाइजेशन की आवश्यकता हो तथा इससे कान्टेक्ट इन्फेक्शन को रोका जा सकता है। 
विभागाध्यक्ष प्रो0 मनोज झा ने कहा कि ऑटोमेटिक फुट ऑपरेटिड सेनिटाइजिंग मशीन कालेज के विभाग द्वारा एक छोटा सा प्रयास है। जो कि इन्फेक्शन की रोकथाम में मद्द करेगा। टैक्नोलोजी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की कर्तव्य है कि वे इस विषम परिस्थति में समाज के हित में टैक्नोलोजी का प्रयोग करें। 



इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डा0 एके गौतम में विभाग के शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि टैक्नोलोजी का हमारे जीवन में प्रत्येक परिस्थिति में अभूतपूर्व योगदान रहा है। इस मशीन को बनाने में मैकेनिकल विभाग के शिक्षक प्रो0 पुनित गोयल, प्रो0 निलांशु गुप्ता, प्रो0 मृदुल शर्मा, प्रो0 सौरभ मित्तल व लैब असिसटेन्ट संजीव कुमार और धर्मवीर सिंह आदि का योगदान रहा।