शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का चौथा दिन, सॉफ्टवेयर के बारे में की चर्चा, शोध पत्र भी प्रस्तुत किये

शि.वा.ब्यूरो, मेरठ। आज शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय मेरठ द्वारा 'तकनीकी दक्षता विकास : समय की मांग'  विषय पर आधारित पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम के चौथे दिन सुबह के सत्र में मुख्य वक्ता के रुप में डॉ. जमाल अहमद सिद्दीकी उपस्थित रहे। उनका मुख्य विषय प्लेजरिजम (Plagiarism) रहा। इन्होंने  प्लेजरिजम से संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों, शोध पत्र लेखन एवं टरनेटीन (Turnitin) सॉफ्टवेयर के बारे में विस्तृत चर्चा की।

 कार्यक्रम का शुभारंभ उनके स्वागत तथा परिचय के साथ डॉ. अमर ज्योति, बीएड संकाय ने किया। व्याख्यान सत्र के बाद आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र का संचालन डॉ अमित कुमार, सहायक प्रोफेसर, गणित विभाग एवं डॉक्टर सुशील कुमार, सहायक प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। सत्र के दूसरे भाग में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रवक्ताओं द्वारा शोध पत्रों को प्रस्तुत किया, जिसमें डॉ गौरी, डॉ ज्ञान सिंह, डॉ शिवम शर्मा एवं डॉ निहारिका पांडे ने अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया । वक्ताओं ने अपने शोध पत्रों में ऑनलाइन टीचिंग, भारतीय संविधान,आईसीटी, ई लर्निंग आदि के महत्व को दर्शाया। इस सत्र का संचालन डॉ राकेश ढल द्वारा किया गया।  


मीडिया प्रभारी डा. लता कुमार ने बताया कि सायंकालीन सत्र का आरंभ शोध पत्र प्रस्तुति से हुआ जिसमें डॉ संजय श्रीवास्तव ने ऑनलाइन शिक्षण और कृत्रिम बौद्धिकता, डॉ अनुज कुमार सिंह ने सेमिनार संबंधी साफ्टवेयर के उपयोग तथा डॉ. अजय कुमार ने ऑनलाइन शिक्षण की समस्या और आयाम विषय अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सत्र के दूसरे भाग में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ राजीव चौधरी प्रोफेसर फिजिकल एजुकेशन, सह-शास्ता एवं डीन छात्र कल्याण, पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़ ) ने 'स्कॉलर्स स्कॉलरली अप्रोच' विषय पर अपना विस्तृत और सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया। आपने बिबलियो मैट्रिक्स  क्या है?, क्यों है और इसकी सीमाओं के बारे में चर्चा की। साथ ही 'मेजर मैट्रिक्स फॉर स्कॉलर ' विषय पर  अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। आपने एच- इंडेक्स, आई-इंडेक्स,  वेव ऑफ साइंस, स्काउपस जैसे गंभीर और जटिल विषयों को भी अपने व्याख्यान में सरलता से समझाने का  प्रयास किया।  डॉ चौधरी ने 20 से अधिक प्रतिभागियों के प्रश्नों का विस्तृत और सरल भाषा में उत्तर भी दिया । कार्यक्रम का शुभारंभ उनके स्वागत एवं परिचय के साथ डॉ. लता  कुमार एसोसिएट प्रोफेसर समाजशास्त्र ने किया और डॉक्टर  दीपा गुप्ता, सहायक प्रोफेसर बीएड संकाय के साथ  प्रश्न उत्तर सत्र का संयुक्त रूप से संचालन भी किया।  सत्र के अंत में प्रतिभागी डॉ सूक्ष्म रानी अनेजा द्वारा  ऑनलाइन शिक्षा प्रणालियों के ऊपर विस्तृत प्रपत्र प्रस्तुत किया गया। 

मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज के दोनों तकनीकि सत्रों की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डा. संध्या रानी ने की। दोनों सत्र के दौरान वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दिनेश चंद और डॉक्टर भारती दीक्षित उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संयोजक डॉ गीता चौधरी,  आयोजन सचिव डॉ भारती शर्मा, कन्वीनर डा. राकेश कुमार, तकनीकी संचालक डॉ. वैभव शर्मा, डा. विकास कुमार ने कार्यकारी भूमिका का निर्वाह किया।