कुर्मी समाज एक सोच का विषय
अजय पटेल कुर्मी, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

(1) आज काफी लड़कियो के माता पिता अपनी बेटियो की शादी मे बहूत विलंब से कर रहे है उनको अपने बराबरी के रिश्ते पसंद नही आते और जो बड़े घर पसंद आते है उनको लड़की पसंद नही आती, शादी की सही उम्र 20 से 25 तक है पर आज माता पिता ने और अच्छा करते करते  उम्र 30 से 36 कर दि है जिससे उनकी बेटियो की खूबसूरती भी कम होती जाती है और बड़े लड़के से शादी होने के ऊप्ररान्त वो लड़का उस लड़की को वो प्यार नही दे पाता जिसकी  हकदार वो लड़की है समाज मे 30% तलाक की वजह समाज द्वारा यही बताई जा रही है आज उमर छोटी हो चुकी है पहले की तरह 100+ या 80+ नही होती, अब तो केवल 50+या 70 तक जिने को मिल पायेगा इसी वजह से आज लड़के उमर से पहले ही बूढ़े नजर आते है सर गंजा हो जाता है।

    (2) आज ज्यादा तर लड़की वाले लड़के वालो को वापस हाँ /ना का जवाब नही दे रहे है, संभवत कुछ लोग मंन मे आपको बुरा भला बोलते होंगे आप अपनी लाड़ली का घर बसाने निकले है, किसी का अपमान करना अच्छा नही होता कृपया आप लड़के वालो से सम्मान जनक जरूर बात करे।

     (3) कुंडली जिन्होंने मिला के रिश्ते किये आज उनके भी रिश्ते टूटे है फिर आप लोग क्यो कुंडली का जिक्र कर के रिश्ता ठुकरा देते है इतिहास गवाह है हमारे पूर्वजो जो ने शायद कभी कुंडली नही मिलायी और सकुशल अपनी शादी की 80 से 90 वी सालगिरह तक मनाई, आप कुंडली को माध्यम बनाके बच्चों को घर मे बिठा के रखे है उमर बढ़ती जा रही है, आता जाता हर यार दोस्त रिश्तेदार सवाल कर जाता है कब कर रहे हो शादी आपसे 10 वर्ष कम आयु के लोगो को 8 साल के बच्चे भी हो गए आप 32-36 मे शादी करेंगे तो आपके बच्चों की शादी के वक्त आप अपने ही बच्चों के दादा दादी नजर आएंगे।

   (4) आप घर कैसा भी चयन करे लड़की का भाग्य उसके पैदा होने से पहले ही भगवान ने लिख दिया है, भाग्य मे सुख लिखे है तो अंधेरे घर मे भी रोशनी कर देगी दुख लिखे है तो पैसे वाले भी डूब जाते है।

    (5) अंतिम मे बस इतना ही कहना है कि अपने बच्चों की उम्र बर्बाद ना करे, गयी उम्र लौट कर नही आती दुसरो को देख कर अपने लिए वैसा रिश्ता देखना मूर्खता है आप अपने बच्चों क बढ़ती उम्र के दुख को समझिए रिश्ता वो करिये, जिस लड़के वालो मे लालच ना हो, लड़का संस्कारी हो, जो आपकी बेटी को हर हाल में खुश रखे प्यार करे, लड़की की इज़्ज़त के साथ साथ लड़की के माता पिता की भी इज़्ज़त करे उम्र बहूत छोटी है आप इतने जमीन जायदाद देख कर क्या कर लेंगे कौन अपने साथ एक तिनका भी ले जा पाया है बच्चों की बाकी उम्र उनके जीवन साथी के साथ जीने दीजिये समय बहुत बलवान है आज की लडकिया पढ़ी लिखी है वो अपने परिवार के साथ कुछ अच्छा तो कर ही सकती है।