कोविड़ लाॅकडाउनः नुक्ताचीनी से उभरी कांग्रेस ने पहली बार की सकारात्मक पहल की घोषणा


हवलेश कुमार पटेल, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र


विश्वव्यापी कोरोना महामारी के बावजूद लम्बे समय से देश की सत्ता पर काबिज कांग्रेस तुच्छ राजनीति से उभर ही नहीं पा रही है, हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेलभाड़े का भुगतान नीजि तौर पर करने की घोषणा की है। यदि सोनिया गांधी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए रेल किराये का भुगतान अपने नीजि स्रोतों से करने की अपनी घोषणा पर अमल करती हैं, तो निश्चित रूप से यह कदम बेहद सकारात्मक होगा, लेकिन सूत्रों की मानें तो सोनिया अपनी घोषणा पर अमल कर पायेंगी, इसकी उम्मीद कम ही है।
बता दें कि कोविड़ 19 के चलते देश व्यापी लाॅकडाउन के सम्बन्ध में कांग्रेस का रवैया बेहद निराशाजनक रहा है। इस दौरान हालांकि अनेक लोगों व संस्थाओं ने दिल खोलकर आर्थिक व विचारात्मक सहयोग दिया है, लेकिन कांग्रेस केवल नुक्ताचीनी में ही मशरूफ रही है। देश में कोरोना वायरस लाॅकडाउन की मियाद बढ़ाने जाने को लेकर कांग्रेस पीएम मोदी पर बेतुका हमला बोला। पार्टी ने मोदी से हास्यास्पद सवाल पूछा कि क्या यह अंतिम लाॅकडाउन है या इसके बाद लाॅकडाउन-4 और लाॅकडाउन-5 भी आने वाला है, यह पूर्णतया खत्म कब होगा? जानकारों ने कांग्रेस के सवाल पर चुटकी लेते हुए कटाक्ष किया है कि अब कांग्रेस सत्ताधारी पार्टी से भविष्यवेत्ता होने की अपेक्षा कर रही है। भला कौन सी आपदा कितने दिनों में समाप्त हो जायेगी, ये पहले से ही कैसे बताया जा सकता है। 



हालांकि कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार से फिजूलखर्ची पर भी रोक लगाने की मांग की है, लेकिन साथ ही सरकार से आग्रह किया कि प्रवासी मजदूरों से किराया लिए बगैर उन्हें घर भेजने के लिए रेलगाड़ियों की व्यवस्था की जाए और किसानों, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग की इकाइयों और वेतनभोगी वर्ग को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। राजनीति के जानकारों की मानें तो पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने अपने वक्तव्य से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की घोषणा पर ही पूर्णविराम लगा दिया है।
सुरजेवाला ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कहा कि गृह मंत्रालय ने शुक्रवार शाम आदेश जारी कर 17 मई तक लाॅकडाउन का तीसरा चरण लागू कर दिया। न प्रधानमंत्री सामने आए, न राष्ट्र को संबोधित किया, न गृहमंत्री आए, यहां तक कि कोई अधिकारी भी सामने नहीं आया। आया तो केवल एक आधिकारिक आदेश। सुरजेवाला ने सवाल किया कि लाॅकडाउन के तीसरे चरण के पीछे क्या लक्ष्य और रणनीति है, जबकि वे स्वयं जानते हैं कि नरेन्द्र मोदी मन की बात सहित अन्य तरीकों से देश को सम्बोधित करने वाले व जनता से सबसे अधिक बार जुड़ने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं।


वरिष्ठ पत्रकार, खतौली उत्तर प्रदेश