शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल की संस्थापक-निदेशक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डा. भारती गाँधी ने जनमानस से अपील की है कि कोरोना महामारी से छुटकारा पाने के लिए लाॅकडाउन का पूरी तरह से पालन करें और इसमें किसी भी प्रकार का प्रमाद अथवा लापरवाही न करें। डा. गाँधी ने कहा है कि चूंकि अभी तक इस महामारी का कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है, ऐसे में सामाजिक दूरी बनाये रखना एवं लाॅकडाउन का पूर्णतः पालन करना ही इससे बचने का एकमात्र उपाय है। परन्तु ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि कुछ लोग किन्हीं कारणों से लाॅकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं, ऐसे में जरा सी लापरवाही से समस्त मानवता को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। डा. गाँधी ने आह्वान किया कि जिन कारणों व परिस्थितियों के चलते केन्द्र व प्रदेश सरकार को लाॅकडाउन जैसा कठोर फैसला लेना पड़ा और जिसकी वजह से पूरे देश ठप्प पड़ गया है, उसे समझने का प्रयास करें और लाॅकडाउन का पालन करके इस महामारी से देश का निजात दिलायें, जिससे हमारा देश एक बार फिर से प्रगति पथ पर आगे बढ़ सके।
डा. गाँधी ने कहा कि आज दुनिया का कोई भी देश कोरोना महामारी से अछूता नहीं रह गया है। हर देश में खौफ़ का मंजर है। पूरी दुनिया में जिस खतरनाक ढंग से इस वायरस ने तबाही मचायी है, उसकी तुलना द्वितीय विश्व युद्ध से की जाने लगी है। यह तबाही अगर यही नहीं रूकी तो शायद इसकी त्रासदी द्वितीय विश्व युद्ध से भयानक होगी। वास्तव में महामारी न तो किसी देश की सीमाओं को जानती हैं और न ही किसी धर्म या जाति को। विश्व का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका भी इसके सामने पंगु हो गया है। अतः अभी भी समय है कि हम समय रहते इसके प्रकोप से छुटकारा पा लें और उसका एक ही तरीका है कि लाॅकडाउन का पूरी तरह से पालन करें।
डा. गाँधी ने कहा कि इसके साथ ही हम सभी का यह कर्तव्य भी है कि ऐसे कठिन समय में जरूरतमंदो की मदद को आगे आयें और जैसे भी संभव हो सके कोरोना से पीड़ित मानवता को राहत प्रदान करें। डा. गाँधी ने अपील की कि जो भी सम्पन्न लोग हैं और जरूरतमंदों की मदद करने में सक्षम हैं, वे निश्चित रूप से मानवतावादी रूख अपनाते हुए पीड़ित मानवता की सेवा करें। उन्होंने कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाने में सदैव अग्रणी रहा है और वक्त की आवश्यकता को देखते हुए सीएमएस ने एक करोड़ नब्बे लाख रूपये का योगदान कोरोना पीड़ितों के सहायतार्थ प्रदान किया है, साथ ही जरूरतमंद लोगों के सहायतार्थ स्कूल बसों की सुविधा प्रदान करने के अलावा प्रदेश सरकार के सामुदायिक रसाईघरों के लिए लगभग 10,000 किलो राशन उपलब्ध करा चुका है।