बेजुबान इश्क


राजीव डोगरा 'विमल' शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।


खूबसूरती सिर्फ
जिस्म में ही नहीं,
दिल में भी होती है।
जरा ओढ़ कर देखना
मेरी हस्ती की मिटी हुई,
राख को
अपने सीने पर।
दिख जाएगी तुम्हें
वो मोहब्बत
जो  दिखी नहीं
कभी तुम्हें
मेरे सीने में धड़कते दिल में।
तुम्हें लगता है अगर
चाहने वाले बहुत हैं तुम्हारे
तो आने दो जरा
झुर्रियों को
अपने चेहरे पर
तब दिख जाएगा
तुम्हें भी
कितने दिल लगाते हैं तुमसे
और कितने गले लगाते हैं
तुमकों अपने सीने से।


युवा कवि लेखक कांगड़ा
भाषा अध्यापक गवर्नमेंट हाई स्कूल, ठाकुरद्वारा हिमाचल प्रदेश