तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत में 130529 वाद निस्तारित

गौरव सिंघल, सहारनपुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 101461 तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार आयोजित पैटी आफेन्स की विशेष लोक अदालत में कुल 29068 से अधिक वादो का निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश बबीता रानी के मार्गदर्शन में किया गया। दोनो प्रकार की लोक अदालत में कुल 130529 वाद निस्तारित हुए। दीवानी कचहरी सहारनपुर एवं बाह्य न्यायालय देवबन्द, ग्राम न्यायालय बेहट एवं कलेक्ट्रेट सहारनपुर सहित जनपद की समस्त तहसीलों एवं बैंको तथा बीएसएनएल की प्रिलिटिगेशन राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 101461 वादो का निस्तारण किया गया। 

इस अवसर पर सिविल कोर्ट परिसर स्थानीय न्यायिक अधिकारी सभाकक्ष में जिला जज बबीता रानी, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र कुमार, संजय कुमार पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण,बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पुण्डीर ,बार एसोसिएशन सचिव नितिन शर्मा,प्रथम अपर जिला जज वीके लाल ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में समस्त न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। 

राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी महेश कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमिता ने बताया कि जिला जज ने अपने सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उददेश्य है कि आम जनता को त्वरित न्याय मिले और उनमें आपसी वैमनस्य दूर हों। उन्होंने कहा कि पक्षकारो के मुकदमों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया जायें। उन्होंने कहा कि अगर छोटे-छोटे चालानी वाद राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो जाये तो वादकारियों को अर्थदण्ड की कम राशि देकर लाभ दिलाया जा सकता है तथा बडे बडे मामले जो न्यायालयो मे विचाराधीन है, उन पर न्यायिक अधिकारी अपना समय लगाकर निस्तारित कर सकता है और ऐसे मे अधिक मामले न्यायलयो से निस्तारित होगें। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र कुमार ने कहा कि जो वाद चलते है उसमें मेरी कोशिश रहती है कि सभी को न्याय मिले तथा उनके द्वारा सभी वादो मे यह कोशिश की जाती है कि पीडिता को शीघ्र भरण-पोषण दिलाया जाये, जिससे वह अपने परिवार का लालन पालन कर सकें। बार एसोसियेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार पुण्डीर ने कहा कि राष्टीय लोक अदालत का इस बार इतना अधिक प्रचार-प्रसार किया गया। जो पहले कभी नहीं हुआ। 

जन-जन तक राष्टीय लोक अदालत के आयोजन की सूचना बार एवं बेंच द्वारा पहुॅचाई गयी, जिसका परिणाम आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में दिख रहा है। राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादो में जिला जज बबीता रानी के 11 वाद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र कुमार के 111 वैवाहिक वाद निस्तारित हुए, जिसमे उनके न्यायालय से 12 पक्ष बतौर पति-पत्नि साथ-साथ गये। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्धटना दावा अधिकरण संजय कुमार ने 35 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद निस्तारित किये। अध्यक्ष उपभोक्ता फोरम सतीश कुमार अत्री के 06, अतिरिक्त परिवार न्यायालय मनोरमा के 111 वैवाहिक वाद निस्तारित, जिसमें उनके न्यायालय से 05 पक्ष बतौर पति-पत्नि साथ साथ गये। अपर जिला जज वीके लाल के 11, अपर जिला जज ललित नारायण झा के 12, अपर जिला जज सरला दत्ता के 12, अपर जिला जज श्री प्रकाश के 1545, अपर जिला जज शबीह जेहरा का 1, अपर जिला जज अर्पणा पाण्डेय के 33, अपर जिला जज कल्पना पाण्डेय के 18, अपर जिला जज महेश कुमार के 1 ,आसिफ इकबाल रिजवी के 6, अपर जिला जज परितोष श्रेष्ठ के 7, अपर जिला जज सुरेन्द्र सिहॅ के 4, लघुवाद न्यायाधीश भूपेन्द्र प्रताप के 14, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार के 1925, सिविल जज सीनियर डिविजन श्रीपाल सिहॅ के 175 सिविल वाद, एसीजेएम प्रथम ह्नषीकेश पाण्डेय के 1742, अपर सिविल जज एसडी राजनकमार गौड के 4, एसीजेएम द्वितीय निधि सिसोदिया के 789, तरकेश्वरी प्रसाद सिहॅ के 727, द्वितीय सिविल जज एसडी मयंक प्रकाश के 322 फौजदारी, सिविल जज एसडी/एफटीसी अमित कुमार के 103, जेएम प्रथम मौ0 आरिफ के 602, सिविल जज जुनियर डिवीजन हवाली समाली मित्तल के 06, जेएम द्वितीय रजत शर्मा के 424, अपर सिविल जज प्रथम रोहित पुरी के 115, जेएम तृतीय श्वेता नैन के 170, अपर सिविल जज जेडी तृतीय नीशा अली के 173, सिविल जज जेडी/एफटीसी प्रथम हुमा के 437, अति0 जज एलके राठी के 170 एनआईएक्ट वाद निस्तारित हुए।

देवबन्द के निस्तारित वादों में अपर जिला जज नीधि के 7, सिविल जज (एसडी) विकास के 489,  सिविल जज (जूडी) कुमार आशीष के 316, अपर सिविल जज जेडी जीनत प्रवीन के 137, ग्राम न्यायालय बेहट अनन्त कुमार के 244 वाद निस्तारित हुये। राष्ट्रीय लोक अदालत में 1546 बैंक के लोन सम्बन्धी प्रीलिटेशन के वाद तथा राजस्व प्रशासन के  88900 वाद निस्तारित हुये। इस प्रकार आज कि राष्ट्रीय लोक अदालत एवं 9, 10 व 11 नवम्बर को आयोजित हुई विशेष पैटी आफेन्स की विशेष लोक अदालत को सम्मिलित करते हुए 130529 वादों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में  न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारीगण, बैंक एवं बीमा कम्पनी के अधिकारीगण, प्रीलिटेशन लोक अदालत के सदस्य श्री पंकज बंसल, अधिवक्तागण ,कोर्ट स्टाफ एवं वादकारीगण का पूर्ण सहयोग रहा।