जिला न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित, 02 लाख 80 हजार 654 मामले निस्तारित

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायालय में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष चवन प्रकाश द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया।

जनपद न्यायाधीश ने अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है।

लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज शक्ति सिंह ने कहा कि न्याय सबके लिए की परिकल्पना को चरितार्थ करने हेतु राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत विवादों को समझौते के माध्यम से निपटाने का एक महत्वपूर्ण मंच है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया गया कि इस बार लोक अदालत को सफल बनाने हेतु जनपद में हजारों लोगों की आबादी से संवाद कायम किया गया एवं उन्हें लोक अदालत के माध्यम से होने वाले लाभों के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोक अदालत में वर्षों पुराने मामले निस्तारित हुए, जिसमें कुछ प्रकरण लगभग 08 वर्ष पुराने हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 02 लाख 80 हजार 654 मामलों का निस्तारण किया गया है। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह ने 80 मामलों का निस्तारण कर दो करोड़ बयालिस लाख बारह हजार रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलायी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सत्यानन्द उपाध्याय की अध्यक्षता में सभी पारिवारिक न्यायालयों द्वारा 112 प्रकरण निस्तारित किये गये। परिवार न्यायालय से 15 जोड़ों को एक साथ रहने हेतु विदा किया गया।
जिला अधिकारी चन्द्र भूषण सिंह के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियो द्वारा 19285 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, भारत संचार निगम लिमिटेड आदि के द्वारा सक्रिय सहभागिता की गयी। भारत संचार निगम लिमिटेड के द्वारा 27 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। बैंको के द्वारा 1235 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर लगभग 11 करोड़ 77 लाख 48 हजार रूपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया। लोक अदालत में आने वाले समस्त वादकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं खान-पान की व्यवस्था भी लोक अदालत में की गयी ।
इस अवसर पर अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम जय सिंह पुंण्डीर, अपर जनपद न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी, लोक अदालत शक्ति सिंह, भारतीय स्टेट बैंक के आरएम दिगविजय शर्मा, सिविल बार के महासचिव सुनील कुमार मित्तल सहित समस्त न्यायिक अधिकारी एवं समस्त बैंको के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने किया। सभी अधिकारियों का उनके लोक अदालत में योगदान हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया।