मृगतृष्णा

अ कीर्ति वर्द्धन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

मृगतृष्णा या उसे कोई ख्वाब कहें,
झूठा ही सही, जीने का अंदाज़ कहें।
भटकता मन, जिंदगी की जद्दो-जहद में,
प्रकृति से जुड़, जीने की तब बात कहें।
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश