श्रीराम कॉलेज में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द्र को श्रृद्धांजलि दी गयी। आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर कॉलेज में 5000 और 1500 मीटर की (महिला और पुरूष) दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढचढ कर हिस्सा लिया।  

शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा 5000 तथा 1500 मीटर (महिला और पुरूष) दौड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे शारीरिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों ने बडी उत्सुकता के साथ प्रतिभाग किया। 5000 मीटर की दौड प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विपिन कुमार, द्वितीय स्थान शाहिब सैफी तथा तृतीय स्थान निखिल धाीमान बीपीईएस ने प्राप्त किया। 1500 मीटर (पुरूष) वर्ग की दौड में प्रथम स्थान सागर, द्वितीय स्थान शारूख राठौड तथा तृतीय स्थान राजन देशवाल और अनन्त तोमर ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। 1500 मीटर (महिला) वर्ग की दौड में प्रथम में स्थान नेहा, द्वितीय स्थान शिवानी यादव और तृतीय स्थान रीतु ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य डा0 प्रेरणा मित्तल ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द्र के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनके व्यक्तित्व से सम्बन्धित जानकारी विद्यार्थियों को दी तथा उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होनें बताया कि हॉकी को राष्ट्रीय खेल बनाने में मेजर ध्यानचन्द्र की अहम भूमिका रही है। उन्होनें कहा कि विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचन्द्र की तरह आत्मविवास से भरपूर होकर खेलना तथा अपने लक्ष्य के प्रति केंद्रित रहना चािहए।
श्रीराम कॉलेज के निदेशक डा0 निशांत कुमार राठी ने विद्यार्थियों को बताया कि खेल से जहा व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ बनता है वही खेल मनुष्य को अनुशासित भी बनाता है। शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि खिलाडियों को आज की वैज्ञानिक खेलकूद सुविधायें एवं पद्वतियों का लाभ उठाना चाहिये। उन्होुंने कहा कि आज खेलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, अतः आज की युवा पीढी को खेल को गम्भीर एवं अनुशासित रूप से लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि जिसप्रकार इस वर्ष कामनवेल्थ गेम में एथलेटिक्स खिलाडियों द्वारा स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है, निश्चित रूप से इससे बहुत से विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और खेल जगत में वे महाविद्यालय और देश का नाम रोशन करेगे।