कृषकों के बकाया जमा करने के लिए सहकारिता विभाग की एक मुश्त समाधान योजना 30 सितम्बर तक
गौरव सिंघल सहारनपुर। सहकारिता विभाग में प्रारम्भिक कृषि सहकारी ऋण समितियों द्वारा अपने सदस्यों को अधिकतम एक वर्ष के लिए अल्पकालीन ऋण दिया जाता है इसके अतिरिक्त उ0प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक की जनपद में स्थित 06 शाखाओं द्वारा कृषकों को मध्यकालीन एवं दीर्घकालीन ऋण प्रदान किया जाता है। यद्यपि कृषकों द्वारा समय से ऋण अदा करने पर उन्हें ब्याज पर अनुदान प्राप्त होता है, परन्तु अपरिहार्य कारणों से कृषकों द्वारा समय-समय पर कभी-कभी ऋण अदा नहीं किया जाता है। जिसके कारण उनके ऊपर ब्याज की धनराशि आच्छादित हो जाती है। ऐसे कृषकों को बकाया जमा करने हेतु विभाग ने एक-मुश्त समाधान योजना संचालित है, जिसमें कृषकों पर्याप्त छूट भी दी जा रही है। यह योजना 30 सितम्बर 2022 तक ही लागू है। 
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता विजय प्रकाश वर्मा द्वारा अवगत कराया गया कि अल्पकालीन सहकारी बकाया हेतु तीन श्रेणी में एक मुश्त समाधान योजना लागू है, जिसमें कुल आच्छादित सदस्यों की संख्या 26387 तथा कुल आच्छादित धनराशि 16109.47 लाख रूपये है, जिसमें सदस्यों को 4137.61 लाख की छूट है। अभी तक इस योजनान्तर्गत 4376 कृषकों को 716.31 लाख रूपये की छूट प्राप्त की गयी है। उ0प्र0 सहकारी ग्राम विकास बैंक द्वारा वितरित मध्यकालीन ऋण एवं दीर्घकालीन ऋण के संबंध में जनपद सहारनपुर में 4782 किसानों पर 13366.82 लाख रूपये आच्छादित है, जिन्हें 06 श्रेणियों में 4613.25 लाख रूपये छूट प्राप्त होगी। उपर्युक्त के सापेक्ष अभी तक 50 कृषकों को एक मुश्त समाधान योजनान्तर्गत 97.90 लाख रूपये की छूट प्राप्त कर चुके है। यह योजना 30 सितम्बर 2022 को समाप्त हो रही है इसलिए सभी कृषक इस योजना का लाभ उठायें।