भाई और बहन का रिश्ता पवित्र और अटूट होता है


 

राज शर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 रक्षाबंधन पर्व के शुभ अवसर पर इंडियन पीपल्स एजुकेशनल साइंटिफिक एंड कल्चरल सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें हिमाचल प्रदेश के कईं जिलों ,उतराखंड एवं हरियाणा के बच्चों ने भी भाग लिया । बच्चों ने मनमोहक राखियां बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया । प्रतियोगिता 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए रखी गई थी तथा आवेदन की अंतिम तिथि 19 अगस्त , 2021 रखी गई थी । राखी बनाओ प्रतियोगिता में बच्चों ने बड़े उत्साह से भाग लिया । देवांश कश्यप, राजगढ़ जिला सिरमौर,अभिनव पाल पांवटा साहिब जिला सिरमौर, तृषा राणा व अंबिका राणा ,ग्राम कमरउ जिला-सिरमौर, आयुषमान जिला मंडी,खुशी ठाकुर जिला सिरमौर,चारु ठाकुर जिला सिरमौर, भव्या गुप्ता, नाहन जिला सिरमौर, देवांश चोपड़ा, पांवटा-साहिब जिला सिरमौर, सुहानी शर्मा,जिला सिरमौर, देवेश शर्मा जिला सिरमौर,राशि जिला कांगड़ा, वात्सल जुयाल जिला पौड़ी गड़वाल,उतराखंड अंशुल कुमार जिला सिरमौर,दिव्या कांबोज ,यमुनानगर, अनवी जिला कुल्लू प्रज्ञा जिला कुल्लू आरुषि जिला ऊना, स्नेहा जिला चंबा,अनुराग जिला कांगड़ा इत्यादि अनेकों बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया व सुंदर राखियां बनाकर अपनी कला की प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान चारु ठाकुर जिला सिरमौर द्वितीय स्थान सुहानी शर्मा जिला सिरमौर व तृतीय स्थान देवांश कश्यप जिला सिरमौर व अनवी जिला कुल्लू ने प्राप्त किया है । संस्था से जिला अध्यक्ष राज शर्मा (कुल्लू)ने निर्णायक भूमिका बखूबी निभाई व कहा कि इस इस प्रकार से आयोजन से बच्चों को अपनी संस्कृति का ज्ञान प्राप्त होता है। िर्णायक भूमिका सिरमौर से संस्था सदस्य अमित चौधरी ने भी ख़ूब निभाई व यह भी कहा कि त्यौहार कोई भी हो,हर पर्व की खुशी बच्चों से ही होती है और इस प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी प्रतिभा जाहिर की है जो की काफी मन मोहक है | आने वाले समय में भी बच्चों को इसी प्रकार से प्रेरणा देते रहेंगे ताकि उनका मनोबल बना रहे | कांगड़ा से भाषा अध्यापक राजीव डोगरा ने कहा कि बच्चों का प्रोत्साहन बढ़ाते रहने के लिए ऐसे कार्यक्रर्मों का आयोजन करवाते रहना अति आवश्यक है। जिला शिमला से कल्पना गांगटा ने बच्चों के द्वारा बनाई मनमोहक राखियों एवं बच्चों की मेहनत की भी प्रशंसा की । प्रतियोगिता आयोजक रविता चौहान ने कहा कि बच्चों ने कई अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करते हुए सुंदर राखियां बनाई है। एक भाई सबसे ज्यादा अपनी बहन से प्रेम करता है| भाई और बहन का रिश्ता पवित्र और अटूट रिश्ता होता है। रक्षा बंधन मूल रूप से एक दूसरे के लिए भाइयों और बहनों के बंधन, देखभाल और प्यार का प्रतीक है तथा बच्चों का प्रोत्साहन बनाए रखने के लिए उन्हें सर्टिफिकेट देने व प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उपहार देने की बात कही। 

आनी (कुल्लू) हिमाचल प्रदेश