जनपद की नौ पीएचसी को कायाकल्प अवार्ड, पुरकाजी मंडल में अव्वल, मिलेंगे दो लाख रुपये
शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जनपद के नौ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (पीएचसी) बुढ़ाना, पुरकाजी, मोरना, छपार, बघरा, घासीपुरा, मौहम्मदपुर, तुगलकपुर, सिकंदरपुर को कायाकल्प अवार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2020-21 का पुरस्कार मिला है। पीएचसी पुरकाजी जिले में पहले स्थान पर है। पुरकाजी पीएचसी को 81.80 अंक प्राप्त हुए हैं। इसे पुरस्कार के रूप में दो लाख रुपये मिलेंगे जबकि बाकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर/ पीएचसी को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय द्वारा प्रदेश के 75 जिलों से कायाकल्प अवार्ड के लिए चुने गये 295 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की सूची जारी की गयी है। प्रदेश स्तर पर पुरस्कार मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में खुशी का माहौल है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. महावीर सिंह फौजदार ने बताया- कायाकल्प अवार्ड योजना में पुरकाजी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का नाम चमका है। पीएचसी पुरकाजी को पहले भी कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है, जिसके बाद सहारनपुर मंडल में पीएचसी पुरकाजी पहले स्थान पर रही है। उन्होंने बताया-सरकार ने सभी चिकित्सा इकाइयों में स्वच्छता व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए वर्ष 2015 में कायाकल्प अवार्ड की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया जिला अस्पताल, उप.विभागीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के तहत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र, जो उच्च स्तर की स्वच्छता, साफ-सफाई एवं संक्रमण पर नियंत्रण और बेहतर चिकित्सा सुविधा के मूल्यांकन में खरे उतरते हैं, उन्हें कायाकल्प अवार्ड दिया जाता है। इसमें चिकित्सा इकाई पर रोगी की संतुष्टि का भी मूल्यांकन किया जाता है। डिस्ट्रिक क्वालिटी कंसलटेंट डॉ. इश्तीखार अली अंसारी ने बताया- हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बुढ़ाना पीएचसी ने 82.05 अंक हांसिल किये हैं जबकि पुरकाजी पीएचसी ने 81.80 अंक, फिर भी पुरकाजी सीएचसी जिले में प्रथम स्थान पर है क्यों कि पिछले वर्ष के स्कोर में पांच प्रतिशत की वृद्धि का मानदंड पूरा न किये जाने के कारण पीएचसी बुढ़ाना 82.05 प्रतिशत अंक के बावजूद दूसरे स्थान पर रही। मोरना ने 79.80 अंक और हेल्थ एंड वेलनेस सेँटर (पीएचसी) छपार ने 79.40 अंक, बघरा पीएचसी ने 78.40 अंक, हेल्थ एंड वेलनेस सेँटर (पीएचसी) घासीपुरा (बोपाड़ा) को 77.95 अंक, हेल्थ एंड वेलनेस सेँटर मौहम्मदपुर ने 75.65 अंक, पीएचसी तुगलकपुर( शेरपुर) ने 73.60 अंक, हेल्थ एंड वेलनेस सेँटर (पीएचसी) सिकंदरपुर ने 73.40 प्राप्त किये हैं। उन्होंने बताया केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार अवार्ड के लिए प्राविधानित धनराशि का 75 प्रतिशत चिकित्सालय के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैन्डर्ड एवं कायाकल्प अवार्ड स्कीम के अंतर्गत चिन्हित गैप क्लोजर, सुदृढ़ीकरण, रख रखाव, स्वच्छता व्यवस्था इत्यादि सुनिश्चित किये जाने के लिए उपयोग किया जाता है, जिससे चिकित्सालय के स्कोर में वृद्धि हो सके। शेष 25 प्रतिशत धनराशि चिकित्सा इकाइयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों नियमित, संविदा एवं आउट सोर्स के उत्साहवर्धन के लिए इंसेंटिव के रूप में दी जाती है। अवार्ड विजेता चिकित्सा इकाई को अवार्ड धनराशि में से इंसेंटिव धनराशि का उपयोग चिकित्सालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कैश अवार्ड, क्षमता वृद्धि के लिए प्रशिक्षण, चिकित्सालय में कर्मचारियों के कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों पर नियमानुसार व्यय किया जाता है। उन्होंने बताया कायाकल्प अवार्ड स्कीम के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का तीन चरणों में इंटरनल, पियर एवं एक्सटर्नल असेसमेंट कार्य पूर्ण किया जाता है। वर्ष 2020-21 में कोविड 19 को देखते हुए केन्द्र सरकार के निर्देश के क्रम में दो सदस्यीय टीम द्वारा एक्सटर्नल असेसमेंट वर्चुअल प्लेट फार्म के माध्यम से कराया गया।