संगति का असर
जीवन को समझना इतना आसान नहीं है। देखिये- (1)- दस मिनट पत्नी के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि जिंदगी यही है। (2)- दस मिनट पियक्कड़ के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि जिंदगी बहुत आसान है। (3)- दस मिनट साधु, संतों, फकीरों के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि सब कुछ दान कर दें और संन्यास ले लें। (4)- दस मिनट किसी अभिनेता, राजनेता के पास बैठिए.... आप महसूस करेंगे कि आपकी सारी पढ़ाई लिखाई बेकार है। (5)- दस मिनट जीवन बीमा एजेंट के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि जीने से अच्छा तो मर जाना है। (6)- दस मिनट किसी व्यापारी के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि आपकी कमाई कुछ भी नहीं है। (7)- दस मिनट वैज्ञानिक के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि आपमें दुष्टता आपके अज्ञानता के कारण है। (8)- दस मिनट किसी अच्छे अध्यापक के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि वापिस विद्यार्थी बन जाना चाहिए। (9)- दस मिनट किसी किसान या मजदूर के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि आप कठिन परिश्रम नहीं करते हैं। (10)- दस मिनट किसी फौजी के पास बैठिए... आप महसूस करेंगे कि आपकी नौकरी और त्याग बहुत तुच्छ है। (11)- दस मिनट शमशान घाट अर्थी के साथ जाइए... आप महसूस करेंगे कि जिंदगी में सब माया मोह है त्याग दें। परन्तु दस मिनट किसी सच्चे मित्र सकारात्मता वाले व्यक्ति के पास बैठिए आप महसूस करेंगे कि आपकी जिंदगी स्वर्ग से भी सुंदर है।