छः साल की लिली यादव ने अपने परिजनों के शब्दचित्र उकेरे


डा.मिली भाटिया, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।


मेरी छः साल की प्यारी सी बेटी लिली यादव ने अभी से अपने परिजनों के बारे में अपने शब्दचित्र उकेरने आरम्भ कर दिये हैं। कहावत है कि होनहार बिरवान के होत चिकने पात। मेरी बेटी ने अभी से शब्द चित्र उकेर कर साबित कर दिया है कि वह भविष्य की बड़ी आर्टिस्ट है। 
नन्हीं आर्टिस्ट लिली ने अपनी नानी-नाना, मम्पी-पापा व खुद के चित्र बनाकर नानी के चित्र के सम्मुख लिखा है ममा की बेटी लिली, नाना की बेटी की बेटी लिली। अपनी ममा के चित्र के सामने नन्हीं आर्टिस्ट ने लिखा-नानी की नातिन लिलीया। नाना के चित्र के सामने लिली ने लिखा-पापा की बेटी लिली। अपने पापा के चित्र के सम्मुख लिखा-लिली ने एक ममा के ऊपर आर्टिकल लिखा। खुद अपने चित्र के सम्मुख लिली ने लिखा है कि ममा में अच्छी हूं, नानी मैं अच्छी हूं, नानाजी मैं अच्छी हूं, पापा मैं अच्छी हूं। उसने आगे लिखा है कि नानी, नानाजी, पापा, ममा मुझे अच्छे लगते हैं। मैं अच्छी पढ़ाई करती हूं। मैं सबका कहना मानती हूं और नीचे उसने लिखा है कि लिली 6 साल की है।
लिली यादव की मम्मी मिली भाटिया ने अपनी बेटी के अनुरोध के बारे में बताते हुए लिखा है कि मम्मी इसे शिक्षा वाहिनी में भेज दो। शिक्षा वाहिनी परिवार की ओर से नन्हीं लिली को बहुत-बहुत साधुवाद और सस्नेह प्यार।



रावतभाटा, राजस्थान