शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के तत्वाधान में नई शिक्षा नीति-2020 : समग्र और बहुविषयक शिक्षा की ओर बढ़ते कदम विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

शि.वा.ब्यूरो, मेरठ।  शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा नई शिक्षा नीति-2020 : समग्र और बहुविषयक शिक्षा की ओर बढ़ते कदम' विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन तीन सत्रों में किया गया, जो अपराह्न 2 बजे से शाम 7 बजे तक निरंतर संचालित रही। 

मीडिया प्रभारी डा. लता कुमार ने बताया कि प्रथम सत्र का उद्घाटन अपराह्न 2 बजे डा. आशीष पाठक द्वारा श्लोक उच्चारण कर मां शारदे की वंदना से किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डा. लता कुमार ने समस्त अतिथियों का स्वागत किया। तत्पश्चात आयोजन सचिव डॉ उषा साहनी ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।  उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता प्रो. संजीव भानावत, पूर्व विभागाध्यक्ष, जनसंचार केंद्र, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर ने नई शिक्षा नीति के समग्र स्वरुप का विश्लेषण करते हुए इसकी सफलता को अवश्यंभावी बताया।


बतौर मुख्य अतिथि संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ एचपी सिंह ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति के लागू होने से विद्यार्थियों को फायदा होगा और  भारत का टेलेंट अपने देश में ही रहकर कार्य करना पसंद करेगा। गेस्ट ऑफ़ ऑनर चौ. चरण सिंह विश्व विद्यालय की प्रति कुलपति प्रो. वाई. विमला तथा विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी मेरठ एवं सहारनपुर मंडल प्रो. राजीव गुप्ता ने भी नई शिक्षा नीति की सफलता के प्रति विश्वास जताया। सत्र की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. दिनेश चन्द ने की । वेबिनार संयोजक  डॉ लता कुमार ने सत्र का संचालन किया। आयोजन सचिव डा. उषा साहनी ने सत्र के अतिथियों का आभार व्यक्त किया।  वेबिनार के द्वितीय सत्र  पैनल चर्चा का संचालन डा. अनुजा रानी गर्ग ने किया।


सत्र के अंतर्गत राजस्थान वि.वि.प्रोफेसर जयंत सिंह ने उच्च शिक्षा में नवीन शिक्षा नीति के प्रारुप का विश्लेषण करते हुए इसके महत्व और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रो. अनुभूति यादव ने  नई शिक्षा नीति में तकनीकी और ऑनलाइन शिक्षा के महत्व पर अपने विचार प्रकट किए। मनोवैज्ञानिक डॉ. अनीता मोरल ने बच्चों के मानसिक स्थिति का संदर्भ देते हुए नई शिक्षा नीति  के  लागू करने को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया और इसकी व्यापक सफलता की संभावना जताई। अध्यक्ष इंद्रप्रस्थ एजुकेशनल ट्रस्ट  नई दिल्ली काजल यादव ने नई शिक्षा नीति 2020 में जमीन से जुड़ी स्थितियों की चर्चा करते हुए बच्चों के लिए मातृभाषा और स्थानीय भाषा के प्रावधान को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया। तकनीकी सत्र में डॉ. भारती शर्मा द्वारा संचालित खुले सत्र में विभिन्न प्रतिभागियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।


वेबिनार के तृतीय सत्र, समापन सत्र का आरंभ  डॉ राकेश कुमार द्वारा अतिथियों के स्वागत भाषण के साथ किया गया।  समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में  प्रो. राजीव पांडे ने आयोजन की सफलता पर शुभकामनाएं और बधाई दी और नई शिक्षा नीति को शिक्षा के क्षेत्र में बहुत लंबे समय से प्रतीक्षित आवश्यकता बताया।  सत्र के मुख्य वक्ता प्रो. के. रत्नम्  ने नई शिक्षा नीति को बहुउपयोगी मानते हुए इसकी बहुविषयक प्रवृत्ति को बहुत उपयोगी बताया। सत्र के गेस्ट ऑफ़ ऑनर अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग उ.प्र. डा. विशेष गुप्ता ने कहा कि नई शिक्षा नीति महिलाओं के लिए बहुत ही उपयोगी होने वाली है और इसमें उनके विकास की अनंत संभावनाएं हैं। विशिष्ट अतिथि पूर्व संयुक्त सचिव प्रो. अश्वनी कुमार गोयल ने उच्च शिक्षा के प्राध्यापकों द्वारा न्यूनतम संसाधनों में भी ऑनलाइन शिक्षा को संचालित करने की सराहना करते हुए नई शिक्षा नीति में इसकी उपयोगिता और आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. दिनेश चन्द ने सभी अतिथियों  और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता पर सभी को बधाई दी और कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में हम सभी ऑनलाइन तकनीकी से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं और अधिकतम छात्र छात्राओं को भी जोड़ने की हमारी कोशिश जारी है।   संयोजक डा. लता कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजन सचिव डा. उषा साहनी ने सत्र का संचालन किया। 5 घंटे तक अनवरत् संचालित इस वेबिनार का आयोजन जूम ऐप पर किया गया जिसे लगभग 1800 प्रतिभागियों द्वारा यूट्यूब चैनल से सीधा देखा गया । वेबिनार के सभी सत्रों के सफल आयोजन में डा. अनीता गोस्वामी, डा. वैभव शर्मा, डॉ. भारती शर्मा, डॉ. राकेश कुमार, डा. कुमकुम, डॉ. विकास कुमार  एवं समस्त महाविद्यालय परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।