राष्ट्रीय कवि संगम हिमाचल प्रदेश की जिला इकाई सिरमौर ने फ़ेसबुक पर लाईव कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया

राज शर्मा (आनी) हिमाचल प्रदेश। राष्ट्रीय कवि संगम हिमाचल प्रदेश की जिला इकाई सिरमौर द्वारा फ़ेसबुक पर लाईव कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन  किया गया। राष्ट्रीय कवि संगम प्रत्येक सप्ताह कवि सम्मेलन का आयोजन हिमाचल प्रदेश के भिन्न भिन्न जिलों को चुनकर करती है । कार्यक्रम संयोजक रविता चौहान ने मंच संचालन की भूमिका भी निभाई व सिरमौर के गायक व कवियों की प्रतिभा से सभी को अवगत करवाया। 

कार्यक्रम की शुरुवात सरस्वती मंत्रोचारण रविता चौहान व माँ सरस्वती वंदना सिरमौरी गायक किरनेश पुंडीर द्वारा की गई ।

उसके बाद राजगढ़ से कवि यश्पाल कश्यप द्वारा काव्य पाठ किया गया जिसमें उन्होनें अपनी कविता "वह प्रेम है " के माध्यम से जहां प्रेम के महत्व पर बल दिया । वहीं अगली कविता "आगे की सोच" से  विरह से व्यथित मन को सांत्वना देते हुये सुखद भविष्य की कामना की। यशपाल कश्यप ने अपनी सिरमौरी भाषा में लिखी कविता "नोए फैशन" के माध्यम से आधुनिकता की अंधी दौड़ में भाग रहे युवाओं को अपनी संस्कृति के संरक्षण के महत्व पर बल देते हुए दर्शको की वाहवाही लूटी।


रविता चौहान ने "संस्कृति मेरे सिरमौरो री" कविता सुना कर अपनी सिरमौर की संस्कृति का खान पान, वेशभूषा, लोक नृत्य-नाटक अपनी पुरानी संस्कृति को कविता में समेट के सभी को अपनी धरोधर अपनी संस्कृति को बचाए रखने का संदेश दिया । साथ ही गंगी, माहिया, मुक्तक व शानौ-शौकत पर मिटा मत कर रईसों के महल अक्सर उजड़ते हैं कविता भी पेश की ।

नाहन के वरिष्ठ कवि दीन दयाल वर्मा ने पेड लगाइए, कुदरत,बरसात का मौसम इत्यादि अपनी सभी रचनाओं के माध्यम से प्रकृति प्रेम को जाहिर किया व प्रकृति संरक्षण पर सुंदर संदेश दिया ।किरनेश पुंडीर जिन्होनें अपनी एक्टिंग व गायन कला से हिमाचल के लोगों का दिल जीत रखा है वहीं अपनी आवाज से कवि संगम के मंच पर चार चाँद लगा दिए । उन्होनें सरस्वती वंदना -वंदना के स्वर समर्पित है तुम्हें के साथ साथ अम्मा पूछदी शुण धीए मेरीये,ओ-नुपीये और मेरा सिरमौर गाने मधुर आवाज में प्रस्तुत कर समां मंत्र मुग्ध किया।


रविता चौहान स्वयं युवा कवयित्री होने के साथ लगातार सिरमौर के गायकों व कवियों को मंच प्रदान कर प्रांत कार्यकारिणि सदस्या के रूप में अपनी अहम भूमिका निभा रही है । उनका कहना है कि राष्ट्रीय कवि संगम का मंच नवोदितों, युवा व वरिष्ठ साहित्यकारों सभी के लिए है यह मंच प्रति रविवार जिला इकाई का कार्यक्रम आयोजित करवाता है तथा सप्ताह के बाकि दिवस सायं 7 बजे हिमाचल के प्रत्येक जिले से एक एक कवि या कवयित्री नवोदित, युवा हो या वरिष्ठ साहित्यकार सभी को मंच प्रदान करता है । राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन करना बेहद प्रशंसनीय कार्य यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां से कोई भी उभरता हुआ कवि या कवयित्री घर बैठे ही अपनी प्रतिभा को सबके सामने ला सकते हैं

हम आपके व आपकी पूरी टीम के कर्तव्यनिष्ठ कार्य, की सराहना करते हैं ।