जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा दो चरणों में 11 से, आपदा में भी परिवार नियोजन पर रहेगा फोकस


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। 11 जुलाई से मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश भर में विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके लिये राष्ट्रीयस्वास्थ्य मिशन के  मिशन निदेशक की ओर से प्रदेश भर के जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं।
सीएमओ डॉ. प्रवीण चोपड़ा ने बताया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत में कोविड-19 संक्रमण से निपटने के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाते हुए कई कदम उठाए हैं, उनमें से प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं एक है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत आधुनिक गर्भ निरोधक साधनों व परिवार नियोजन सेवाओं की सूचना, परामर्श एवं सेवाएं प्रदान करने के प्रावधान पर जोर दिया जाएगा। 11जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े का आयोजन होगा, जिसमें दम्पति सम्पर्क पखवाड़े में परिवार कल्याण साधनों के बारे में प्रेरित किये गये दम्पति को सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।



पखवाड़े के दौरान ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों के साथ सामुदायिक स्तर के कार्यकर्ताओं आशा एवं एएनएम तक परिवार नियोजन सेवा से संबंधित गर्भनिरोधक सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।  जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान किये गये प्रत्येक दिन के कार्य व अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट भारत सरकार को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी। इसके लिये नोडल अधिकारी व जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जिम्मेदारी सौपी गयी है। प्रचार-प्रसार साधनों के माध्यम से उचित उम्र पर विवाह, बच्चों के जन्म में अंतर रखने, प्रसव पश्चात परिवार नियोजन की सेवाएं, परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी, प्रसव के पश्चात परिवार नियोजन की सेवाओं के संन्दर्भ में व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों का विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़े पर उन्मुखीकरण किया जाएगा।