जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा में प्रजनन दर 2.1 रखने पर रहेगा जोर, आशा-एएनएम उपलब्ध कराएंगी परिवार नियोजन के साधन

शि.वा.ब्यूरो, शामली। शामली सहित प्रदेश भर में शनिवार 11 जुलाई से जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। इसके लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-उत्तर प्रदेश के  मिशन निदेशक की ओर से प्रदेश भर के जिला अधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। पत्र में कहा गया है कि प्रजनन दर 2.1 को प्राप्त किये जाने के लिए परिवार नियोजन कार्यक्रम को विशेष गति प्रदान की जाए। जिले में प्रजनन दर 2.8 है। इस बार की थीम ‘आपदा में भी परिवार नियोजन की तैयारी, सक्षम राष्ट्र और परिवार की पूरी जिम्मेदारी’ रखी की गई है।

परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. तपन कुमार ने बताया जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा इकाइयों के साथ सामुदायिक स्तर के कार्यकर्ता आशा एवं एएनएम को परिवार नियोजन सेवा से संबधित गर्भनिरोधक सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिये जाएंगे।  पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले प्रत्येक दिन के कार्य व अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट भारत सरकार को अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी। इसके लिये जिला कार्यक्रम प्रबंधक को जिम्मेदारी सौपी गयी है। जनपद के कन्टेनमेंट एरिया व बफर जोन में भी कोविड19 के प्रोटोकॉल का पालन  करते हुए मास्क एवं सैनिटाइजर का प्रयोग कर परिवार नियोजन के संदेशों को जिले में ब्लॉक एवं ग्राम स्तर तक प्रचारित किया जाएगा।

परिवार नियोजन कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार,सामाजिक एवं व्यक्तिगत दूरी का पालन करते हुए किया जाएगा। एक स्थान पर भीड़ न लगे, इसके लिए विशेष निर्देश दिये गये हैं। मीडिया तथा अन्य समस्त प्रचार-प्रसार साधनों के माध्यम से उचित उम्र पर विवाह, बच्चों के जन्म में अंतर रखने, प्रसव पश्चात परिवार नियोजन की सेवाएं, परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी के संन्दर्भ में व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद तथा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों का विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़े पर उन्मुखीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया आशा कार्यकर्ताओं को कोरोना संक्रमण से बचने के लिये सामाजिक एवं व्यक्तिगत दूरी अपनाने और मास्क इस्तेमाल करने के बारे में वाट्सऐप-एसएमएस व अन्य माध्यमों से बताया जा रहा है।