वो कौन लोग है जो..............
आप अक्सर सुनेंगे लालू ने यादवों को मूर्ख बनाया, मुलायम सिंह ने समाजवाद के नाम पर पिछड़ों को मूर्ख बनाया, जगजीवन राम, अम्बेडकर, कांशीराम, मयावती ने दलित को मूर्ख बनाया, शिबू सोरेन और अजित योगी ने आदिवासी को मूर्ख बनाया, चौधरी चरण सिंह और देवीलाल ने जाटों को मूर्ख बनाया। आपने कभी नहीं सुना होगा कि तिलक, नेहरू, इंदिरा गांधी, नरसिम्हा राव, अटल बिहारी बाजपेयी, कमलापति त्रिपाठी, बहुगुणा, जगन्नाथ मिश्र, केदार पांडेय, विन्देशरी दुबे, भागवत झा आज़ाद ने ब्राह्मण को मूर्ख बनाया। आप ये भी नहीँ सुना होगा कि राजनाथ सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, वीरभद्र सिंह, अजय सिंह बिष्ट ने राजपूतों को मूर्ख बनाया। आपने आडवाणी, नरेन्द्र मोदी, केजरीवाल, रघुवरदास, महात्मा गांधी के बारे में कभी नहीं सुना होगा कि इन लोगों ने बनिया को मूर्ख बनाया है। फिर क्या कारण है कि देश की 85 प्रतिशत आबादी वाले नेता को लांछित किया जाता है और 10 प्रतिशत आबादी वाले नेता का महिमामंडन? 

वो कौन लोग है, जो बंचित समाज के नेता को जातिवादी कहता है और कुलीन वर्ग के नेता को देश का नेता का लेबल लगाते हैं, वो कौन लोग है, जिसे अम्बेडकर, कांशीराम, मायावती, लालू, मुलायम में सारे खोट नज़र आते हैं, वो कौन लोग है, जो इस देश के मुस्लिम को गद्दार साबित करने के लिए आतुर रहते है, वो कौन लोग है, जो आदिवासी को नक्सली करार देकर उसका कत्लेआम करते है, वो कौन लोग है, जिसे गौमूत्र पीने में शर्म नहीं आती है, लेकिन दलित के हाथ का शुद्ध पीनेवाला पानी से भी  घिन लगती है, वो कौन लोग है, जो गर्व से कहो हिन्दू हैं के नारे लगाते है, वो कौन लोग है, जो बहादुर सिख कौम का मज़ाक उड़ाते है, वो कौन लोग हैं, जिनके लिए वसुधैव कुटुम्बकम है, लेकिन जिन्होंने सैंकड़ों बरस दलित वर्ग को गांव के बाहर रहने को मजबूर किया है।

इन प्रश्नों का उत्तर ढूंढ कर वैसे वर्ग के लोगों का बहिष्कार कीजिये,  ताकि आपकी आनेवाली पीढ़ी को सच्ची आज़ादी मिल सके।