शासकीय अधिवक्ताओं के पैनल हेतु आवेदन आमंत्रित


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। शासनादेश के अनुपालन में विधि परामर्शी निदेशिका के प्रस्तर-7.03 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार जनपद में शासकीय अधिवक्ताओं के रिक्त पदों के सापेक्ष पैनल गठित कर शासन को उपलब्ध कराया जाना है। विभागीय सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार शासनादेश के अनुपालन में निम्न पदों पर आबद्धता हेतु अधिवक्ताओं से आवेदन-पत्र आमंत्रित किये जाते हैं। अधिवक्ता अपना आवेदन पत्र निम्न प्रारूप में कलैक्टेªट मुजफ्फरनगर स्थित न्यायिक पटल पर 1 जून से 15 जून 2020 की अपरान्ह 03-00 बजे तक किसी भी कार्य दिवस में प्रस्तुत कर सकते है।


रिक्त पदो का विवरण


(1) जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)-1 पद
(2) सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता(फौजदारी)-5 पद
(3) स0 जिला शा0 अधि0(फौ0)/शासकीय अधिवक्ता पोक्सों एक्ट-2 पद
(4) नामिका अधिवक्ता (फौजदारी)/पैनल लाॅयर-1 पद


पदों पर नियुक्ति/आबद्वता हेतु विचार किये जाने हेतु न्यूनतम अर्हता
1- जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)-10 वर्ष
2- सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता(फौ0)-7 वर्ष 
3- नामिका अधिवक्ता (फौजदारी)/पैनल लाॅयर-5 वर्ष                                  


अन्य शर्ते
 1-जिन अभ्यर्थियों की आयु 31 मार्च, 2020 को 60 वर्ष या इससे अधिक होगी तथा जो पहले से किसी सरकारी या गैर सरकारी वैतनिक पद पर कार्यरत हो अथवा किसी काॅलेज में पूर्णकालिक प्रवक्ता, ओथ कमिश्नर, नोटरी, विवाह अधिकारी, एमिक्स क्यूरी, काजी या राजकीय आदाता के पद पर कार्यरत हो, के प्रार्थना-पत्र पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
2- शासकीय अधिवक्ता के पद पर नियुक्ति की यह शर्त होगी कि उसे किसी निजी प्रैक्टिस का अधिकार न होगा। उसे केवल राज्य सरकार, केन्द्रीय सरकार अथवा राज्य सरकार/केन्द्रीय सरकार द्वारा स्थापित/नियंत्रित उपक्रम, निगम, राजकीय कम्पनी, परिषद, स्थानीय निकाय, स्वायतशासी संस्थाओं एवं प्राधिकरणों के वादों की पैरवी शासन की अनुमति से ही करने का अधिकार होगा तथा उन्हें शासनादेश संख्या- डी0-1905/सात-न्याय-3-16-53/98, दिनांक 04 अक्टूबर 2016 द्वारा निर्धारित फीस की दरों पर ही भुगतान किया जायेगा। सरकारी अधिवक्ताओं की नियुक्ति निर्धारित अवधि के लिए व्यवसायिक आबद्धता के रूप में ही की जायेगी एवं राज्य सरकार को किसी भी समय बिना कारण बताये आबद्धता समाप्त करने का अधिकार होेगा। 
3-आवेदक गत तीन वर्षो के अन्दर अपने द्वारा किये गये कार्य का विवरण-पत्र सत्यापित एवं प्रमाणित प्रति सहित आवेदन-पत्र के साथ संलग्न करेंगे।
4-पिछले तीन वर्षो में विधि व्यवसाय की आय पर अदा किये गये आयकर की धनराशि का विवरण संलग्न करेंगे।
5-आवेदनकर्ता अपने आवेदन पत्र के साथ उत्तर प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त अन्य पिछडे वर्गो, अनुसूचित जाति/जन जातियों से सम्बन्धित प्रमाण-पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, जन्म तिथि प्रमाण पत्र, अधिवक्ता पंजीकरण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वैयक्तिक विवरण पत्र सहित अधिवक्ता के रूप में किये गये कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध करायेंगे।