जातिगत जनगणना कराने व संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण लागू कराने को ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने सौपा ज्ञापन


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर।ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष ईश्वर प्रसाद पटेल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर एक ज्ञापन माननीय प्रधानमंत्री के नाम देते हुए मांग की है कि ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने एवं समस्त क्षेत्रों में संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण लागू किए जाने सहित अन्य मांगों के संबंध में मांग की है।


ज्ञापन में मांग की गई है कि भारत सरकार द्वारा ओबीसी की जातिगत जनगणना कराए जाने हेतु जनगणना फार्म में ओबीसी कॉलम अभिलंब जोड़ा जाए, मंडल आयोग की अनुशंसा को पूर्णतया लागू किया जाए, ओबीसी के लिए संख्या के अनुपात में राज्यवार विधानसभा में सीटें एवं लोकसभा में 353 सीटें आरक्षित की जाए, संख्या के अनुपात में ओबीसी वर्ग के लिए न्यायपालिका कार्यपालिका एवं निजी क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व आरक्षण लागू किया जाए, किसान के लिए स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा को लागू किया जाए, जिला न्यायालय हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट मैं कॉलेजियम सिस्टम खत्म कर न्यायालय में ओबीसी वर्ग की संख्या के अनुपात में आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ओबीसी आरक्षण में असंवैधानिक क्रीमी लेयर की शर्तों को समाप्त किया जाए, केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी विभागों में ओबीसी के रिक्त पदों बैंकलॉग को अति शीघ्र भरा जाए, ऑल इंडिया मेडिकल काउंसलिंग में पीजी सीटों में 27% आरक्षण लागू किया जाए, ओबीसी छात्रवृत्ति हेतु वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 10 लाख प्रति वर्ष की जाए, ओबीसी छात्र छात्राओं के लिए ब्लॉक स्तर पर सर्व सुविधा युक्त छात्रावास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, न्यायपालिका के आड़ में सजेशन ओबीसी वर्ग को शासकीय नौकरियों से वंचित रखने के लिए उत्तर प्रदेश में 6 ओवरलैपिंग भर्ती प्रकरण राजस्थान एलडीसी भर्ती प्रकरण एमपीपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर महिला भर्ती जैसे देशभर के मामलों पर सरकार द्वारा मजबूती से पक्ष रख पाते हुए शासकीय नौकरियों में संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कराया जाए।


उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कुर्मी समाज के लोगों की मारपीट हत्या, बिहार के गोपालगंज में यादव समाज के तिहरे हत्याकांड, आगरा में लोधी समाज की बच्ची का बलात्कार हत्या मध्य प्रदेश के नौगांव में 5 साल की  कुशवाहा समाज की बच्ची के साथ बलात्कार हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी तथा लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कर संबंधित मृतक पीड़ितों के परिवार जनों को पचास लाख की आर्थिक मदद शासकीय नौकरी शस्त्र लाइसेंस एवं सुरक्षा प्रदान की जाए तथा देश भर में लोधी कुशवाहा धोबी तेली सेन सहित ओबीसी समाज के लोगों पर किए जा रहे हमले बलात्कार हत्या जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कठोरतम कदम उठाए जाएं। शासकीय व्यवस्था का निजीकरण तत्काल बंद किया जाए, उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाए जाने हेतु कदम बढ़ाए जाए ओबीसी महासभा छतरपुर मध्य प्रदेश इकाई के साथियों पर 13 फरवरी 2020 ओबीसी आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद धारा 188 के तहत जबरन केस दर्ज को अविलंब वापस लिया जाए, ओबीसी महासभा छतरपुर एमपी इकाई के साथियों पर 3 जून को छतरपुर नौगांव ओबीसी समाज की 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। उस कांड के दोषियों पर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने पर धारा 188 के तहत दर्ज केस अविलंब वापस लिया जाए। कोरोना लॉकडाउन के कारण किसान, युवा, बेरोजगार, दिहाड़ी मजदूर, प्राइवेट कर्मचारी, व्यापारी, जरूरतमंदों अति पिछड़ों समाज के जमीनी स्तर पर कोरोना सहायता राशि प्रदान कर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।  देशभर में एक समान निशुल्क शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था लागू की जाए। अन्यथा उपरोक्त स्थिति में ओबीसी महासभा देशभर में आंदोलन के लिए विवश होगी। जिसकी जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। आदि मांग को लेकर ज्ञापन दिया गया है।


इस दौरान रीनू पाल, कन्हैयालाल, अमित कुमार, शिवकुमार, दिनेश कुमार जय कुमार आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।