हां मैं जातिवादी हूँ
डॉ कुमार वर्मा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

कहते हैं ईवीएम खराब है

        ईवीएम तो तब खराब थी

जब तेरह वाले हार गए थे

         जीते दो वाले जनाब थे

गाँधी जी के अनुयायी थे

          उनका कहना माना था

देश के आगे कुर्सी क्या है

          यह पटेल पैमाना था

 

देश प्रथम का भाव सँजोये

           नेहरू को पद दे डाला

गृहमंत्रालय का पद ले के

          खुद पहनी आफत माला

ऐसे त्यागी के बंशज हैं

          आखिर कब तक मौन रहें

अपने हक को देख हड़पते

          कब तक अत्याचार सहें

 

अच्छा खासा कुर्मी बल है

          एक नहीं दस सीएम हों

आठ बार से बने सांसद

          उनका भी कुछ जीवन हो

हर समाज की भागीदारी

         जितने हैं उतनी तो हो

अगड़े तो सब यही चाहते

        पिछड़े हो और वही रहो

 

अपने हक़ को मांग रहे हैं 

कौनसी सीमा लाँघ रहे हैं

 

जब तक पिछड़ों के शोषक हैं 

हम सब स्व जाति के पोषक हैं

 

यदि हक की माँग मुनादी है 

तो हाँ भाई मैं जाति वादी हूँ

 

शर्म आती है तुम्हें तो जाति अपनी छोड़ दो

गर्व है निज जाति हमको जातिवादी खुब कहो