अनामिका के बाद अब प्रीति नाम से दो जगह फर्जी नौकरी करने का खुलासा, असली प्रीति बेरोजगार, केस दर्ज
शि.वा.ब्यूरो, जौनपुर। उत्तर प्रदेश में फर्जी नाम से नौकरी करने के नए मामले सामने आए हैं। अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) नाम से 25 जगह नौकरी करने के केस के बाद अब प्रीति यादव (Preeti Yadav) नाम से दो जगह नौकरी करने का खुलासा हुआ है। आशंका जताई गई है कि ऐसे और मामले सामने आ सकते हैं। कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर राज्य में 25 जगह नकली 'अनामिका' के नौकरी करने के मामले ने भूचाल ला दिया। 

अब ऐसा ही भ्रष्टाचार का एक और केस पूर्वांचल के जौनपुर और आजमगढ़ जिले में सामने आया है। यहां प्रीति यादव के नाम पर दो जगह नौकरी का मामला पकड़ा गया है जबकि असली प्रीति यादव बेरोजगार है।

बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि मैनपुरी के किशनी जिले की प्रीति यादव कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मुफ्तीगंज में पूर्णकालिक शिक्षक और पवई आजमगढ़ में वॉर्डेन की नियुक्ति हासिल की है। हाईस्कूल, इंटर की मार्कशीट और सर्टिफिकेट जांच में जौनपुर के सिकरारा में रहने वाले लालबहादुर यादव की बेटी प्रीति यादव के निकले।

सर्टिफिकेट, आधार से खुलासा

जब जौनपुर की प्रीति यादव का आधारकार्ड जांच किया गया तो दूसरा निकला। असली प्रीति यादव की मार्कशीट पर नकली प्रीति यादव के दो जगह से नौकरी करने की प्राथमिकी शनिवार की देर रात को सिकरारा थाना में दर्ज कराई गई है। पेशे से अधिवक्ता लालबहादुर यादव ने अपनी बेटी की मार्कशीट और अंकपत्र पर फर्जी प्रीति के नौकरी की बात सामने आने के बाद शिकायत करते हुए जांच का अनुरोध किया था। असली प्रीति ने भी कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षक के लिए आवेदन किया था लेकिन उम्र नौ दिन कम होने से नौकरी नहीं मिली। अब इनके मार्कशीट पर धोखाधड़ी करके नौकरी करने का दो केस अभी तक सामने आए हैं।

कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में प्रीति यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने वाली महिला होली से पहले ही लापता हो गई है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। अप्रैल तक का वेतन उसके बैंक खाते में भेजा जा चुका है। वह प्रसूति अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र देकर होली से पहले यहां से चली गई थी। 8 जून को उससे बीएसए कार्यालय के लिपिक से फोन पर बात हुई थी । उसने 15 जून को प्रसव की तारीख बताई थी लेकिन उसके बाद से ही उसका मोबाइल बंद है। जानकारों का कहना है कि अनामिका प्रकरण की जांच की सुगबुगाहट होते ही यहां प्रीति के नाम पर नौकरी करने वाली महिला को अंदेशा हो गया था कि वह भी जांच के दायरे में आ सकती है।

फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी कर रही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुुफ्तीगंज की पूर्णकालिक शिक्षिका के खिलाफ शनिवार की देर शाम नगर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने यह कार्रवाई बालिका शिक्षा की जिला समन्वयक शोभा तिवारी की तहरीर पर की है।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज में पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर नियुक्त प्रीति यादव ने यूबीआई की मुख्य शाखा में अपना खाता खोला था। जबकि उस विद्यालय की अन्य शिक्षिकाओं का खाता वहां की स्थानीय बैंक में खोला गया है। छह महीने की नौकरी के दौरान उसके खाते में 22 हजार रुपये प्रति माह की दर से 1.40 लाख वेतन भेजा जा चुका है।