यादें


अमित डोगरा, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।  


यादें जो हमें किसी के होने का
एहसास करवाती है,
यादें जो हमें
किसी को भूलने नहीं देती,
यादें जो अक्सर
तन्हाई में आती है,
यादे उसकी आती है ,
जो प्रत्येक स्थिति में हमारे साथ रहता है,
यादें उसकी आती है,
जिसे हमारे दर्द का एहसास होता है,
यादें उसकी आती है ,
जो हमारी खामोशी को पढ़ लेता,
यादें उसकी आती है ,
जो हमारी प्रत्येक गलती को
माफ कर देता है,
यादें उसकी आती है,
जिसे अक्सर हम छोड़ आते हैं ,
यादें उसकी आती है,
जिसे हम कभी समझ ही नहीं पाते,
यादें उसकी आती है,
उस जैसा कोई ओर मिलता ही नहीं है,
यादे उसकी आती है,
जो पास होकर भी हमसे दूर चला जाता है।   


पीएचडी शोधकर्ता, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर