ओरैया सड़क दुर्घटना से भी अधिक दुखदायक है नेताओं का रवैया


शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। ओरैया में हुए सड़क हादसे में मारे गये 25 मजदूरों की मौत पर एक बारगी तो जिसने भी सुना सन्नाटे में रह गया, लेकिन इसके बाद नेताओं के आरोप-प्रत्यारोपों का जो सिलसिला शुरू हुआ तो थमने का नाम ही नहीं ले रहा। सड़क हादसे में मरे मजदूरों व उनके आश्रितों की कोई खोज-खबर नहीं ले रहा और न ही किसी को इस बात की परवाह है कि आखिर किन हालातों में ये मजदूर इतने बेबस होकर इस तरह से निकले कि अपनी जान से हाथ धो बैठे।
बता दें कि देशभर में लोक डाउन के बीच अलग-अलग राज्य में फंसे मजदूर सड़क के रास्ते घर लौट रहे हैं। इसी दौरान हो रहे सड़क हादसों की खबरों ने सभी का दिल दहला कर रख दिया है। बीते दिनों मध्य प्रदेश के गुना में सड़क दुर्घटना में 9 मजदूरों की मौत के बाद अब यूपी के औरैया में शनिवार की सुबह भीषण सड़क हादसा सामने है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों को 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार थानाध्यक्षों को तत्काल सस्पेंड करने और सीओ को चेतावनी देने का निर्देश जारी किया है। जानकारी के अनुसार यह मजदूर राजस्थान से बिहार और झारखंड जा रहे थे।
जानकारों की मानें तो जितना भीषण ये हादसा था, उससे कहीं अधिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं हैं। मजदूरों के कल्याण की बात करने बजाये ये सरकार व अफसरों की कार्यशैली पर अंगुली उठाने मात्र को ये अपना दायित्व समझ रहे हैं। यदि उनकी बातों पर गौर करें तो सभी बातों का जिम्मा केवल सरकार और अधिकारियों का ही है। उनका फर्ज तो केवल वोट लेने तक ही सीमित है। देश व प्रदेश सरकार में सत्ता की मलाई खाने वाले अधिकतर नेता अपनी जेब में हाथ डालने से कतरा रहे हैं। कांग्र्रेस का रवैया इसमें सबसे निराशाजनक रहा है। हां बीएसपी सुप्रीमो मायावती के बयान से लगता है कि उन्हें वास्तव में गरीबों की फिक्र है। सपा मुखिया ने भी निजि तौर पर मृतकाश्रितों को एक-एक लाख के मुआवजे का ऐलान किया है।



सीएम योगी ने सड़क दुर्घटना पर संज्ञान लेते हुए भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए अफसरों को चेतावनी दी है कि यदि ऐसी किसी भी दुर्घटना की पुनरावृत्ति हुई तो सर्किल के पुलिस अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा, इतना ही नहीं उन्होंने निर्देश दिये हैं कि कोई भी मजदूर सड़क पर पैदल या साईकिल पर दिखायी नहीं देना चाहिए।