DM सेल्वा कुमारी जे ने किया उघोग, स्वंय सहायता समूह व मनरेगा के अन्तर्गत कराये जा रहे कार्यो समेत प्रवासी श्रमिकों के दृष्टिगत पुरकाजी बार्डर का निरीक्षण, दिये आवश्यक दिशा निर्देश, कोविड-19 ग्राम निगरानी समिति के सदस्यों के साथ संवाद भी किया


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने लाॅकडाउन के दृष्टिगत ग्राम खांजापुर व ग्राम ज्ञानामाजरा में गठित कोविड-19 निगरानी समिति के सदस्यों के साथ संवाद किया। उन्होने कहा कि यह समिति गांव में बाहर प्रदेश, जनपद से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सूचना उपलब्ध करायेगीं। उनका यह दायित्व होगा कि वह आने वाले व्यक्ति की सूचना तत्काल, कंट्रोल रूम के नम्बर पर उपलब्ध कराते हुए उच्चाधिकारियों को भी सूचित करेगे। उन्होने गांव मे कोरोना से बचाव हेतु प्रचार प्रसार के भी निर्देश दिये। 



जिलाधिकारी द्वारा आज ग्राम खांजापुर में 21 श्रमिकों द्वारा मनरेगा के अन्तर्गत किये सोशल डिस्टैंसिग अपनाकर किये जा रहे तालाब खुदाई के कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय पाया गया कि उक्त स्थान पर 21 श्रमिक कार्य कर रहे थे। मनरेगा अन्तर्गत इस आपदा के समय में मांग के आधार पर नये जाॅबकार्ड बनाकर कार्य भी उपलब्ध कराया जा रहा है। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम ज्ञानामाजरा, ब्लाॅक चरथावल के नवजागरण स्वंय सहायता समूह द्वारा किये जा रहे उत्पादों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि नवजागरण स्वंय सहायता समूह द्वारा मास्क, टाॅलेट क्लीनर, आचार, मूर्तिया आदि बनाये जा रहे है।



जिलाधिकारी द्वारा समूहों को अधिक से अधिक कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा उनके उत्पाद की ब्रिकी कराने का भी आवश्वासन दिया गया। जिससे की स्वंय सहायता समूह अर्थिक रूप से सुदृढ हो सके। जिलाधिकारी ने मेरठ रोड स्थित उत्पादन कर रहे फनीर्चर फैक्ट्री का निरीक्षण किया। उन्होने वहां काम कर रहे श्रमिकों से भी बात की। उन्होने कहा कि सोशल डिस्टैंसिग का पालन कर कार्य किया जाये और मास्क व सेनेटाईजर का प्रयोग किया जाये। उन्होने कहा कि सैनेटाईजेशन की पूर्ण व्यवस्था होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानकों का पूर्ण रूप से पालन कराया जाये। 



जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आज बाहर प्रदेशो व जनपदों से आ रहे प्रवासी श्रमिकों के दृष्टिगत व्यवस्थाएं पूर्ण कराने व बार्डर पर तैनात अधिकारियेां को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। उन्होने कहा कि कोई भी श्रमिक पैदल न चले। प्रवासी श्रमिकों को उनके गतंव्य स्थान तक पहुंचाया जायेगा। उन्होने निर्देश दिये कि उनके भोजन पानी की व्यवस्था कराई जाये। उन्होने निर्देश दिये कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये।