भाग जाॅनी के गीतों में रोमांस और मिठास है (शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र के वर्ष 12, अंक संख्या-29, 14 फरवरी 2016 में प्रकाशित लेख का पुनः प्रकाशन)


भाग जाॅनी टी सीरीज की थ्रिलर फिल्म है, जिसमें अभिनेता कुणाल खेमू ने अपनी अभिनय यात्रा में एक बार फिर अपनी गरमा-गरम छाप छोड़ी है। फिल्म का एक ही संदेश है कि महज एक फैसला आपके पूरे जीवन को प्रभावित कर सकता है। यह सही भी है। शिवम नायर के निर्देशन में बनी इस फिल्म के निर्माताओं में से एक विक्रम भट्ट भी हैं। जहां भट्ट साहब हों और वहां खास संगीत न हो ऐसा हो नहीं सकता। सब जानते हैं कि भाग जाॅनी की एक खास कहानी के साथ एक झकास गीत डैड-मम्मी नहीं हैं घर में वाला गीत पूरे देश में इन दिनों धमाल मचा रहा है। फिल्म निर्माताओं ने भाग जाॅनी के म्यूजिक के लिए दक्षिण के संगीतकार देवी श्री प्रसाद से लेकर युवा संगीतकार देवी श्री प्रसाद से लेकर युवा संगीतकार यो यो हनी सिंह और मिथुन तक को म्यूजिक को जिम्मा सौंपा है। नतीजा सामने है। गीत चर्चा में है। म्यूजिक एलबम में कुल पांच गीत हैं।
एलबम का पहला गीत डैड मम्मी सुपर हिट हो चुका है। यह गीत तेलुगु और तमिल में भी सुना जा चुका है। अब हिंदी में भी देवी प्रसाद ने ही इसे एमएम मानसी के साथ प्रस्तुत किया है। गीतकार कुमार इन दिनों अच्छा लिख रहे हैं। मगर कभी-कभी मर्यादा तोड़ देते हैं। यहां उन्होंने आॅरिजनल ट्रैक का जो भावानुवाद किया है, वह नई पीढ़ी को खासकर किशोरों को क्या संदेष देता है? जाने-अनजाने आप उन्हें कुछ गलत सीखा रहे हैं-हे डैड-मम्मी नहीं हैं घर पे...। देवी श्री प्रसाद ने बेहद चटख और मस्ती भरा संगीत दिया है तो अपनी गायिकी का जलवा भी बिखेरा है। वहीं मानसी तो जैसे छा गई हैं। युवा श्रोता इसे बार-बार सुनकर बिगड़ेंगे ही।
अगला इस कदर प्यार है वस्तुतः सोनू निगम का गाया गीत है, जिसे साजिद-वाजिद ने संगीत रचा था। भाग जाॅनी में इसका मेकओवर किया गया है। गीत बेशक भाव प्रवण हो पर पर्दे पर कुछ ज्यादा ही हाॅट हो गया है- इस कदर प्यार है तुमसे ऐ हमसफर...। अरको का म्यूजिक अच्छा है।
आंखों-आंखों में इस एलबम का दूसरा हाॅट साॅग है। गजब है यह फिल्मी दुनिया। अपने ही संगीत पर यो यो इस बार एक संजीदा गायक की तरह सामने आए हैं। वहीं अपने ही लिखे गीत पर लड़कियों को यूं ही नहीं रिझाते।
अब संगीतकार मिथुन की बारी। एलबम के अंतिम दो ट्रैक को अपने मधुर संगीत से संवारा है। गीत किन्ना सोना को सुनना श्रोताओं को सुखद लगेगा। अमिताभ वर्मा के लिखे गीत को सुनील कामत ने क्या खूब गाया है-तू रंग है मेरा, नूर है तू...। एक प्यारा सा गीत, जिसे हर युगल सुनना चाहेगा। मिथुन ने एक बार फिर कर्णप्रिय ट्रैक रचा है।
अंतिम मेरी जिंदगी एक सिचुएशनल ट्रैक है, जिसे युवा गायक राहुल वैद्य ने गाया है। अमिताभ वर्मा के लिखे इस गीत को मिथुन ने गिटार की धुन पर अच्छा गूंथा है। राहुल को अरसे बाद सुना-तू ही डर है...।
भाग जाॅनी के म्यूजिक एलबम में मस्ती है प्यार है और भावुकता भी। संगीतकारों ने किसी को निराश नहीं किया। युवा श्रोता इस एलबम से बोर नहीं होंगे। इसे हर कोई सुनना चाहेगा।