बाहर से आने वाले कामगारों के लिए जनपद के प्रवेश मार्गो पर 8 अधिकारी किये गये तैनात, क्वारंटाइन कराकर सुनिश्चत करायेगें भोजन-पानी की व्यवस्था

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। लाॅकडाउन के दृष्टिगत कुछ श्रमिक/कामगार अपने घर जाने के लिए पैदल अथवा साईकिल से यात्रा कर रहे है, उक्त के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा जनपद के प्रवेश मार्गों पर 08 अधिकारी लगाये गये है, जो निरन्तर भ्रमणशील रहेगे। जिनमें अधिशासी अभियन्ता मु0नगर खण्ड गंगनहर हरि शर्मा 9457067023 को रूडकी बार्डर से रामपुर तिराहा नगर तक, एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल 8005441072 को सहारनपुर बार्डर से रोहाना होते हुए रामपुर तिराहा तक, एआरटीओ प्रवर्तन विनित मिश्रा 8005441073 को थानाभवन रोड शामली बार्डर से चरथावल होते हुए मु0नगर काली नदी तक,  अधिशासी अभियन्ता नलकूप खण्ड राकेश कुमार शर्मा 9454414590 को मेरठ बार्डर से खतौली बाईपास होते हुए गुप्ता रिसोर्ट  तक, अधिशासी अभियन्ता आरईएएस अवधेश मणि त्रिपाठी 7007044647 को बिजनौर बार्डर से जानसठ तक, प्रभारी अधिशासी अभियन्ता लघु सिंचाई पवन कुमार 9997653565 को रामराज मेरठ बार्डर से जानसठ तक, अधिशासी अभियन्ता प्रा0 खण्ड लो0नि0वि0 सतपाल सिंह 9557104999 को शामली बार्डर से फुगाना होते हुए बुढाना तक, खण्ड शिक्षा अधिकारी सतीश त्यागी 9997019109 को लालूखेडी शामली बार्डर से मुजफ्फरनगर काली नदी पुल तक प्रवेश मार्गो पर किया गया है।
अफसरों को निर्देश दिया गया है कि यदि कोई व्यक्ति पैदल यात्रा करते हुए मिलता है, तो उन्हे रोककर सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट से समन्वय कर निकट के आश्रय स्थलों/क्वारंटाइन सैन्टरों पर क्वारंटाइन कराया जायेंगा। आश्रय स्थल पर सम्बन्धित आश्रय स्थल के नोडल अधिकारी द्वारा इनकी जनपदवार/प्रदेशवार विस्तृत सूची बनाई जायेगी। श्रमिकों की मेडिकल स्क्रीनिंग उपरान्त सम्बन्धित उप संचालक चकबन्दी एवं सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए कामगारों को यथासम्भव उनके गन्तव्य तक पहॅुचाने की व्यवस्था की जायेगी।


एआरएम रोडवेज सभी उप जिला मजिस्ट्रेट को एक-एक रोडवेज बस उपलब्ध कराना सुनिश्चत करेंगे, ताकि पैदल यात्रियों को क्वारंटाइन सैण्टर तक पहुचाया जा सके। अगर पैदल यात्रा करते हुए श्रमिक/कामगार दिखते है तो उक्त अधिकारियों के संज्ञान में अवश्य लाया जाये। मीडिया बन्धु भी उक्त अधिकारियेां से सम्पर्क कर उनके संज्ञान में लाये, ताकि बाहर से आने वाले श्रमिकों/कामगारों को उचित व्यवस्था उनके भोजन, पानी आदि की उपलब्ध कराया जा सके।