विद्यालयों को शुल्क वृद्धि न किए जाने का निर्देश दिया


शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारी, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग, मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व जिला विद्यालय माध्यमिक शिक्षा विभाग कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण उत्पन्न असाधाराण परिस्थितियों के दृष्टिगत शैक्षणिक सत्र 2020-21 में विद्यालयों द्वारा शुल्क वृद्धि न किए जाने के संबंध में निर्देश दिया है।


माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव ने कहा है कि राजस्व विभाग के शासनादेश द्वारा भारत सरकार के आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 सपठित उत्तर प्रदेश आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा-2(जी) के अंतर्गत कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण फैल रही महामारी को आपदा घोषित किया गया है। कोरोना वाइरस (कोविड-19) के संकमण के दृष्टिगत घोषित लॉक डाउन के कारण कुछ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के रोजगार भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए है तथा ऐसे छात्रों के अभिभावकों को शुल्क जमा किए जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अतः कोरोना वायरस के संकमण के दृष्टिगत लॉक डाउन के कारण उत्पन्न आपात परिस्थितियों के दृष्टिगत जनहित एवं छात्रहित में सम्यक विचारोपरान्त यह निर्णय लिया गया है कि उत्तर प्रदेश में संचालित समस्त बोर्डो के समस्त विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए शुल्क वृद्धि न की जाय तथा शैक्षणिक सत्र 2019-20 में नए प्रवेश तथा प्रत्येक कक्षा हेतु लागू की गयी शुल्क संरचना के अनुसार ही शैक्षणिक सत्र 2020-21 में छात्र/छात्राओं से शुल्क लिया जाय। प्रमुख सचिव ने कहा है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020-21 में शुल्क वृद्धि करते हुए, बढ़ी हुई दरों से शुल्क लिया जा चुका है तो बढ़ी हुई अतिरिक्त शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में समायोजित किया जाय। उन्होंने इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया है।