कोरोना के खिलाफ जंग में अन्नदाता के सामने गहराया आर्थिक संकट
विशाल लोचन, शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र।

 

आजकल देश एक गम्भीर संकट से गुज़र रहा है, इसमे सभी देश वासी अपनी अपनी तरह से सरकार का योगदान कर रहे है। सरकार भी पूरी मदद की कोशिश कर रही है हर तबके की। मैं उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान किसानों की ओर दिलाना चाहता हूं। सहमत हो तो लाइक करे, ताकि योगी जी तक आवाज़ पहुंच जाय, किसान की एकमात्र नगदी फसल गन्ना कहलाती है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश कृषको  का जीवन आधार है गन्ना। परन्तु इस प्राकृतिक आपदा में जहां सरकार सभी की भिन्न- भिन्न तरीको से मदद कर रही है, वही हमारी नगदी फसल गन्ने का भुगतान खतौली चीनी मिल द्वारा 19 फरवरी के बाद से बिल्कुल बन्द कर दिया है और दूसरी चीनी मिलो की हालत तो पेमेंट के मामले में और भी अधिक खराब है। मेरा एक ही सवाल सरकार से है कि क्या किसान को पैसे की आवश्यकता नही है। इस समय गन्ने की बोआई का अतिव्यस्त समय चल रहा है। उसे खाद , बीज, डीज़ल व दवाइयों के साथ साथ मज़दूरी का भुगतान व घर चलाने के लिए भी पैसे की आवश्यकता है और चीनी मिलों का भुगतान बन्द है। ऐसे में किसान भुखमरी के कगार पर है। मेरा सरकार व चीनी मिलों से अनुरोध है कि अविलम्ब गन्ने का भुगतान चालू कराया जावे, जिससे कि अन्नदाता इस संकट की घड़ी में और अच्छे से अपना योगदान कर सके। 

 

महेशपुर फार्म, खतौली, जनपद-मुज़फ्फरनगर