देश में अब तक 14378 लोग कोरोना पॉजिटिव, 488 लोगों की मौत

शि.वा.ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने शनिवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि देश में अब तक कोरोना वायरस 'कोविड-19' से संक्रमित 14378 लोगों में से 29.8 प्रतिशत मरीज दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात से जुड़े या उनके संपर्क में आये लोगों से संबंधित है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु में 84, दिल्ली में 63, तेलंगाना में 79, उत्तर प्रदेश में 59, आंध्र प्रदेश में 61, असम में 91 और अंडमान-निकोबार में 83 प्रतिशत संक्रमित तबलीगी जमात से जुड़े या उनके संपर्क में आये लोग हैं। अरुणाचल प्रदेश में एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। वह तबलीगी जमात में शामिल हुआ था। 

प्रवक्ता लव अग्रवाल ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना कितना घातक साबित हो सकता है। इसके मद्देनजर सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी निर्देशों का पालन सभी को अवश्य करना चाहिए जिससे कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग को जीतने में सफलता हासिल की जा सके। श्री अग्रवाल ने बताया कि देश में काेरोना वायरस संक्रमितों की मृत्यु दर अब तक 3.3 प्रतिशत रही है अब तक 488 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें शून्य से 45 वर्ष तक के लोग 14.4 प्रतिशत, 45 से 60 वर्ष तक के लोग 10.3 प्रतिशत, 60 से 75 वर्ष तक के लोग 33.1 प्रतिशत और 75 वर्ष से अधिक लोग 42.2 प्रतिशत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तथ्यों से पहले ही साबित हो चुका है कि बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग कोरोना वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं और उनकी मृत्यु दर भी अधिक रहती है। इन तथ्यों के मद्देनजर सभी को यह ध्यान रखना चाहिए कि बुजुर्ग और बीमार लोगों से दूरी बना कर रखी जाए। घरों में सामान्य कार्य-व्यवहार के दौरान भी बुजुर्गों-बीमारों से दूरी बनाये रखनी चाहिए जिससे उन्हें संक्रमित होने की किसी तरह के आशंका ही न रहे। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि देश में अब तक 1992 संक्रमित स्वस्थ हो चुके हैं, जो कुल संक्रमितों के 13.85 फीसदी हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्धन ने दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल और स्वास्थ्य सत्येन्द्र जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो काॅफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की थी और यहां के हालात की समीक्षा की थी। डा. हर्षवर्धन ने रक्त आदि की उपलब्धता की जानकारी ली और इसके लिए रेडक्राॅस सोसाइटी की मदद लेने का भी सुझाव दिया।