विशेष सचिव ऋषिरेंद्र कुमार ने गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के संबंध में की समीक्षा बैठक

गौरव सिंघल, सहारनपुर। विशेष सचिव कृषि विभाग उ0प्र0 शासन ऋषिरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित सभागार में गौवंश आश्रय स्थल के सम्बन्ध में जनपद के समस्त नोडल अधिकारी एवं सम्बन्धित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष सचिव ने नोडल अधिकारियों से जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निराश्रित गौवंशो के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की। 

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के जनपदों में अवशेष निराश्रित गोवंश को 31 मार्च तक शत-प्रतिशत संरक्षित करने के निर्देश दिये है। विशेष सचिव ने कहा कि 31 मार्च तक जनपद में कोई भी निराश्रित गौवंश छूटा न मिले। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केन्द्र पर गोबर व गौमूत्र से बनने वाली चीजों के लिए स्थानीय लोगों को जोड़ा जाए, जिससे सरकार की योजना एवं लोगों की सहभागिता से गौ संरक्षण के साथ गांव में ही उनको रोजगार उपलब्ध कराने की पूरी हो पाएगी। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लाकों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के लिए चारा, पानी, शेड, बिजली एवं भूसे की व्यवस्था के बारे में पूर्ण जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थल पर चारा एवं अन्य जरूरी चीजों की कमी नहीं होनी चाहिए। 

बैठक में उन्होंने गोआश्रय स्थलों पर सुरक्षा, संरक्षित पशुओं की चिकित्सा, टैंगिग के बारे में भी जानकारी लेने के साथ सभी स्थानों पर गौवंश को ठण्ड से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार ठण्ड एवं शीत लहर के प्रकोप से गोवंश को बचाने के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को देखने के लिए निरंतर नोडल अधिकारियों द्वारा रात में भी निरीक्षण किया जा रहा उन्होंने संरक्षण केन्द्रों पर क्षमता से अधिक संख्या में गौवंशों की समस्या पर कहा कि जनपद में 02 वृहत गौ आश्रय स्थल का निर्माण कार्य शीर्घ शुरू हो जाएगा। उनमें से प्रत्येक की क्षमता 500 गौवंशों की होगी।  

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में कुल 15 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। जनपद में अब तक 3609 के सापेक्ष 3576 गोवंश संरक्षित किये जा चुके हैं। जनपद में पशुओं को पकड़ने के लिए 6 कैटल कैचर मौजूद हैं और जिला पंचायत द्वारा एक कैटल कैचर के क्रय की प्रक्रिया चल रही है। विशेष सचिव ने बैठक में बताया कि कल से उन्होंने जनपद के कई गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर गौवंश के पालन पोषण हेतु की गई व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के दौरान गोबर से संचालित गैस संयत्र, गोबर से बनाए जा रहे खाद व गौ-मूत्र से बनाए जा रहे फिनाइल के अलावा गोबर से निर्मित दीपक, कलाकृतियों, गोबर स्टिक आदि को देखा। उन्होंने कान्हा उपवन गोशाला को आत्मनिर्भर बनाए जाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह गौशाला प्रदेश सरकार की आत्मनिर्भर बनने की प्राथमिकता का अच्छा उदाहरण है। उन्होंने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए सम्बन्धित अधिकारियों की प्रशंसा की। बैठक में सीडीओ विजय कुमार, ज्वाईंट मजिस्ट्रेट कृति राज, एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव, एसडीएम रामपुर मनिहारान संगीता राघव, एसडीएम देवबन्द संजीव कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अमित कुमार,  तहसीलदार नकुड राधेश्याम, नोडल पशु चिकित्साधिकारी सहित समस्त बीडीओ उपस्थित रहे।