व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं

गौरव सिंघल, देवबंद। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के मंडल सचिव अमित तायल ने पत्रकारों को बताया कि जी0एस0टी0 विभाग के अधिकारियों द्वारा पिछले कुछ दिनों से छोटे व मझले व्यापारियों, जिनमें कम्पोजिशन स्कीम (जिसमें व्यापारी द्वारा जीएसटी अपनी जेब से दिया जाता है, जो कि जांच के दायरे में भी नहीं आता है।) वाले व्यापारी भी शामिल है, को जीएसटी की धारा 151, 125, 124 आदि के अन्तर्गत निराधार तथ्यो को आधार बनाकर नोटिस भेजे जा रहे है व छापे मारे जा रहे है। 

अमित तायल ने कहा कि व्यापारी वर्ग इन बडे-बडे अर्थ-दण्ड जैसे रू0 10000/- से 25000/- के नोटिस को देखकर मानसिक और आर्थिक रूप से अपने आपको प्रताडित महसूस कर रहा है। तायल ने कहा कि जहां पिछले तीन वर्षो से पूरी दुनिया में आर्थिक आपात काल के चलते बडे-बडे देश पिछड गये है वहीं व्यापारियो ने इस सरकार को रिकार्ड तोड टैक्स जमा कराकर बडे हदृय का प्रमाण दिया है, जिससे सरकार की आर्थिक स्थिति बहुत ही मजबूत हुई है, वहीं दूसरी ओर अधिकारी वर्ग इन काली धाराओ का सहारा लेकर छोटे व मझले दुकानदारो को परेशान कर रहा है जो कि बडे दुःख की बात है। इससे मौजूदा सरकार की छवि खराब हो रही है। 

अमित तायल ने कहा कि अधिकारियो द्वारा छोटे दुकानदारो का अन्यायपूर्ण शोषण बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  से अनुरोध किया जाएगा कि ऐसे अधिकारियो को जो आये दिन सरकार की छवि खराब करने का काम कर रहे है, उन्हे चिन्हित कर उन पर कडी कार्यवाही की जाये और जीएसटी एक्ट में से ऐसी काली धाराओ को खत्म किया जाये या सुधार किया जाये जो कि अधिकारियो को एक तरफा व्यापारियों को प्रताडित करने का अधिकार प्रदान करती है और अर्थदण्ड की रकम को कम किया जाये, जिससे छोटा व्यापारी वर्ग अपने घर की आजीविका चला सके।