लम्पी स्किन डिसीज की रोकथाम हेतु जनपद के लिए नामित नोडल अधिकारी ने की समीक्षा बैठक

गौरव सिंघल, सहारनपुर। दुग्ध आयुक्त उ0प्र0 लखनऊ एवं लम्पी स्किन डिसीज की रोकथाम के हेतु जनपद के लिए नामित नोडल अधिकारी शशि भूषण लाल सुशील ने विकासभवन सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक में लम्पी स्किन डिसीज के प्रभावी नियंत्रण हेतु कार्य योजना बनाने के लिए विचार-विमर्श किया गया। 

नामित नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायतों का सर्वे कराकर उनके क्षेत्रों में कितने गोवंश है इसकी रिपोर्ट अपने पास रखें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राजस्व ग्राम स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाएं। इन राजस्व ग्रामों में फैली बीमारी को मैप के माध्यम से प्रदर्शित करें। मैप के माध्यम से अधिक प्रभावित, कम प्रभावित तथा अप्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएं। जनपद के बाहर से आने वाले तथा जाने वाले पशुओं पर पूर्णतया रोक लगायी जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी अथवा लाउडस्पीकर के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार कराकर पशुपालकों को जागरूक किया जाएं। गांव में होने वाले वैक्सीनेशन सर्विलांस एवं ट्रीटमेंट की योजना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से लागू करें। पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए भी विशेषज्ञों द्वारा सुझायी गयी डाईट को दे।

उन्होने खण्ड विकास अधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी तथा उप जिलाधिकारियों से इस बीमारी को नियंत्रित करने में बनायी गयी कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होने कहा कि जहां पर इस रोग का फैलाव कम है वहां पर तेजी से वैक्सीनेशन किया जाए ताकि इसको बढने से रोका जा सके। नोडल अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को कहा गया कि पशुओं में सक्रमण को रोकने एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने के लिए दवाओं की एक सामान्य किट बनाये जाने के बारे में विचार किया जाए। उन्होने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण सुरक्षित तरीके से किया जाए एवं किसी पशु की मृत्यु होने पर उसे 02 मीटर गहरे गड्ढे में नियमानुसार दबाया जाए तथा उपर कांटेदार झाडी रखकर मिट्टी डाली जाए। उन्होने कहा कि इसके अतिरिक्त कुल मामलों, सक्रिय मामलों एवं ठीक हुए मामलों को लाईन डायग्राम के माध्यम से रिपोर्ट तैयार की जाए। 
नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्राइवेट एवं सहकारी डेयरियों के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही शासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी वैक्सीन को तीव्र गति से लगाया जाए। उन्होने निर्देश दिए कि निजी गोशालाओं के प्रबन्धकों के साथ बैठक की जाए। उन्होने कहा कि गोवंश के साथ-साथ महीषवंशीय पशुओ के परिवहन पर भी रोक लगायी जाए। उन्होने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि चैक पोस्टों के द्वारा बाहर से आने वाले पशुओं के आवागमन पर रोक लगायी जाए। कन्ट्रोल रूम पर आ रही कॉल्स की निरंतर मॉनीटरिंग की जाए। 
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि आपके द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जायेगा एवं एक अभियान चलाकर संक्रमण पर तेजी से रोक लगायी जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ0 अर्चना द्विवेदी, एडी पशुपालन डॉ0 आनन्द कुमार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी तथा पशु चिकित्सक उपस्थित रहे।