अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर गोष्ठी आयोजित
मुजफ्फरनगर। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य ईकाई के द्वारा डीएवी डिग्री कॉलेज एवं जिला महिला अस्पताल में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें डीएवी डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. शशी शर्मा व योगेश कुमार ने नशा मुक्ति को लेकर अपने विचार रखे। आज हमारे सामने एक सबसे बड़ी सामाजिक समस्या पैदा हो रही है, युवाओं के नशे का शिकार होना, जो कल के होने वाले देश के जांबाज कर्णधार हैं आज वही सबसे ज्यादा नशे के शिकार हैं। नशे के चलते अपराध बढ़ रहे हैं। लोग बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। सभी को मिलकर नशे को जड़ से खत्म करना होगा। साइकियाट्रिस्ट डॉ अर्पण जैन ने बताया कि हमें किशोरावस्था से ही आवश्यक कदम उठाने चाहिए। क्योंकि ये एक सामाजिक दायित्व है, इसलिए परिवार के साथ-साथ समाजिक एवं शैक्षणिक संस्थानों को नशा मुक्ति के लिए प्रयास करने चाहिए। नशा हमारे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तथा आध्यात्मिक रूप से नुकसान पहुंचाता है। समय रहते इलाज होने से परिणाम हमेशा सुखद होता है। साईकोथेरेपिस्ट‌ मनोज कुमार ने बताया कि किसी को भी जज ना करें। जरूरत होने पर जिला अस्पताल के कक्ष संख्या 6 तथा 104 में संपर्क करें।
सीएम एस डॉ आभा ने नशे से शारीरिक और मानसिक रूप से पड़ने वाले बुरे असर की जानकारी देते हुए बताया कि उपचार के जरिये नशे से छुटकारा पाया जा सकता है। समय पर सही जानकारी व इलाज से नशे से हमशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है। नशे की वजह से दिमाग, मांसपेशियों की कमजोरी, कैंसर व फेफड़ों का संक्रमण जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। नशावृत्ति के लक्षण दिखने पर डांटने की बजाय मित्रवत व्यवहार कर उपचार करवाना चाहिए। प्रारंभिक स्थिति में उपचार शुरू हो जाए, तो व्यक्ति जल्द नशा मुक्त हो जाता है। देरी होने पर नशा मुक्त होने में समय लगता है। इस अवसर पर साइकियाट्रिस्ट डॉ अर्पण जैन, साईकोथेरेपिस्ट‌ मनोज कुमार, सीएम एस डॉ आभा, कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. शशी शर्मा, योगेश कुमार, कपिल अत्रेय आदि लोग उपस्थित रहे।