आशा-एएनएम को सौंपी गई बाल स्वास्थ्य पोषण माह को सफल बनाने की जिम्मेदारी

शि.वा.ब्यूरो, मुजफ्फरनगर। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उनमें विटामिन-ए की कमी को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग मिलकर गुरूवार 13 अगस्त से बाल स्वास्थ्य पोषण माह की शुरुआत करेंगे। जनपद में बाल स्वास्थ्य पोषण माह का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा। इस अभियान के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक के करीब 2.08 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी।  

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि गुरूवार से बाल स्वास्थ्य पोषण माह की शुरुआत की जाएगी। इसका लक्ष्य नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करना, बाल मृत्यु दर में कमी लाना, रतौंधी एवं कुपोषण से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया जनपद में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो पर प्रभारियों को इस अभियान को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया वैसे तो स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के सहयोग से बाल स्वास्थ्य पोषण माह प्रतिवर्ष दो चरणों में आयोजित किया जाता था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण यह अभियान देरी से शुरू हो रहा है। इस दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे को दवा पिलाने से पहले एएनएम अपने हाथों को साफ करेंगी फिर दवा पिलाएंगी, उसके बाद दूसरे बच्चे को दवा पिलाने से पहले हाथों को सैनिटाइज़ करके उचित दूरी का पालन करते हुए प्रत्येक बच्चे को विटामिन-ए की खुराक पिलाएंगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आशा-आगंनबाड़ी और एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनपद में करीब 2.08 लाख बच्चों को खुराक दी जाएगी।

बता दें कि विटामिन-ए एक घुलनशील विटामिन है, जो पोषक तत्व बच्चों को कुपोषण से लड़ने में मदद करता है और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। विटामिन-ए आंखों के लिए लाभदायक होता है जो आंखों की मांसपेशियों को मजबूत करने का काम करता है।