प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने जारी किया शासनादेश, विस्तृत दिशा-निर्देश भी दिये, पुरस्कृत होंगी यूपी की तीन चीनी मिलें, सहकारी गन्ना समितियां व गन्ना किसान (शिक्षा वाहिनी समाचार पत्र के वर्ष 14, अंक संख्या 37, दिनांक 07अप्रैल 2018 में प्रकाशित लेख का पुनः प्रकाशन)


शि.वा.ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन चीनी मिलों, तीन सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं तीन गन्ना कृषकों का पुरस्कृत करने की योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। उक्त के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने 23 मार्च को विस्तृत दिशा-निर्देशों सहित शासनादेश भी जारी कर दिया है। 
जारी शासनादेश में श्री भूररेड्डी ने कहा है कि प्रदेश में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास से संबन्धित विकास कार्यों को गति प्रदान करने, गन्ना कृषकों को गन्ना मूल्य का त्वरित एवं समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने तथा प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अन्तर्गत गन्ना कृषकों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु चीनी मिलों, सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं गन्ना कृषकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने के उद्देश्य से सराहनीय उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रदेश की 03 चीनी मिलों, 03 सहकारी गन्ना विकास समितियों एवं 03 गन्ना कृषकों को पुरस्कार स्वरूप स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देने का निर्णय लिया गया है। पुरस्कार के लिए चीनी मिलों के लिए 20-20 अंकों के गन्ना मूल्य का समयान्तर्गत भुगतान, औसत चीनी परता, ड्राल प्रतिशत, 4 गन्ने की शुद्ध तौल व चीनी मिल परिक्षेत्र में प्रजातीय संतुलन आदि मानकांे पर खरा उतरने वाली प्रदेश की तीन चीनी मिलों को प्रशस्तिपत्र व स्मृति चिन्हं प्रदान जायेंगे।  
प्रदेश की  169 गन्ना समितियों में से पुरस्कार के लिए 03 सहकारी गन्ना समितियों का चयन करने के लिए समिति को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरक वितरण के लिए 20 अंक, समिति अभिलेखों के रख रखाव व परिसर तथा भवन की स्वच्छता के लिए 10 अंक, गन्ना कृषकों को ट्टण वितरण एवं वसूली के लिए 10 अंक, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 10 अंक, टीडीएस रिफन्ड की स्थिति के लिए 15 अंक, अवशेष लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों का निस्तारण के लिए 15 अंक, गन्ना समिति की प्रबंध कमेटी की नियिमत बैठकों एवं सामान्य वार्षिक सभा का संपन्न होना तथा बैलेंसशीट की अद्यावधिक स्थिति के लिए 10 अंक तथा समितियों की संपत्तियों का रखरखाव (सम्पत्ति मैपिंग व कब्जामुक्त कार्यवाही) के लिए 10 अंक निर्धारित किये गये हैं। उक्त मानकों पर खरा उतरने वाली प्रथम सहकारी गन्ना विकास समिति को 51000, द्वितीय को 31000 व तृतीय को 21000 नकद व स्मृति चिन्ह और प्रमाण प्रदान किये जायेंगे।
इसी तरह राज्य स्तर पर तीन गन्ना कृषकों को पुरस्कृत किये जाने के सम्बन्ध में गन्ना किसानों के लिए विभागीय योजनाओं में किसान की सहभागिता, किसान द्वारा प्राप्त प्रति हेक्टेयर उपज, किसान द्वारा चीनी मिलांे को औसत गन्ना आपूित प्रति हेक्टेयर, किसान द्वारा गन्ना समिति से लिये गये ट्टण एवं उसकी वापसी की स्थिति, किसान के पास उपलब्ध गन्ना क्षेत्रफल में स्वीकत प्रजातियों की स्थिति व कृषि आय दोगुना करने हेतु अपनायी गयी अन्य फार्मिंग पद्धति (पशुपालन, कुककुट पालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन आदि) सभी के लिए 20-20 अंको के मानक बनाये गये हैं। प्रदेश स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले गन्ना कृषकों को क्रमशः 51, 31 व 21 हजार की धनराशि व स्मृति चिन्ह और प्रमाण प्रदान किये जायेंगे। 
चीनी मिलों, गन्ना समितियों व गन्ना कृषकों को अंक प्रदान करने के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी में जिला गन्ना अधिकारी सदस्य/संयोजक, एक ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (वरिठतम) सदस्य, एक गन्ना समिति का अध्यक्ष (लाटरी द्वारा) सदस्य, एक चीनी मिल का प्रधान प्रबंधक (लाटरी द्वारा) सदस्य व एक गन्ना समिति का सचिव ;वरिठतमद्ध सदस्य होगा। इसी तरह मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी में परिक्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्त सदस्य/संयोजक, एक जिला गन्ना अधिकारी, (परिक्षेत्र, मुख्यालय) सचिव, एक गन्ना समिति का अध्यक्ष (लाटरी द्वारा) सदस्य, एक ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक (वरिठतम) सदस्य व एक चीनी मिल का प्रतिनिधी (लाटरी द्वारा) सदस्य नियुक्त हैं। इसी तरह प्रदेश स्तर पर गन्ना आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी में प्रबंध निदेशक चीनी मिल्स संघ उपाध्यक्ष, एक अपर गन्ना आयुक्त (आयुक्त द्वारा नामित) सदस्य/सचिव, मुख्य प्रचार अधिकारी सदस्य, एक परिक्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्त (आयुक्त द्वारा नामित) सदस्य, गन्ना संघ के अध्यक्ष सदस्य, एक जिला गन्ना अधिकारी (आयुक्त द्वारा नामित) सदस्य और एक चीनी मिल का प्रतिनिधी (आयुक्त द्वारा नामित) सदस्य होगा। उक्त कमेटियां चीनी मिलों, सहकारी गन्ना समितियों व गन्ना कृषकों द्वारा तय मानकों के आधार पर नम्बर तय करेंगी।